महिलाओं में इंफर्टिलिटी के लक्षण

इंफर्टिलिटी यानी ऐसी महिलाएं जो बच्चे को जन्म देने में अक्षम है। या यह भी कह सकते है कि एक वर्ष तक प्रयास करते रहने के बाद भी अगर गर्भधारण नहीं होता तो उसे इंफर्टिलिटी कहते हैं।इंफर्टिलिटी, प्रजनन प्रणाली की ऐसी बीमारी है जिसके कारण किसी महिला के गर्भधारण में विकृति आ जाती है। आमतौर पर महिलाओं में इंफर्टिलिटी का सबसे सामान्य कारण मासिक-चक्र में गड़बड़ी है।

पर कई बार महिलाएं किसी दुर्घटनावश भी बच्चे को जन्म नहीं दे पाती तो कुछ महिलाएं पहले बच्चे के गर्भपात के कारण। ऐसे और भी कई कारण है जिससे महिलाएं मां नहीं बन पाती। जैसे, कोई अंदरूनी गंभीर चोट, हार्मोंस में बदलाव और हार्मोंस में असंतुलन भी महिलाओं में इंफर्टिलिटी की स्थिति पैदा कर देता है।

इसके अलावा गर्भ-नलिकाओं का बंद होना, गर्भाशय में विकृति या जननांग में गड़बड़ी के कारण भी अक्सर गर्भपात हो जाता है। आमतौर पर महिलाओं में इंफर्टिलिटी के लक्षणों को पहचाना नहीं जा सकता लेकिन फिर भी कुछ सामान्य लक्षण हैं। आइए जानें महिलाओं में इंफर्टिलिटी के लक्षणों के बारे में।

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  • इंफर्टिलिटी का पहला लक्षण है गर्भधारण में समस्या होना। हालांकि इंफर्टिलिटी के अन्य कारणों में से कई और लक्षण भी हो सकते हैं। लेकिन आमतौर पर गर्भधारण ना करने वाली महिलाओं में इंफर्टिलिटी के लक्षण पाए जाने की आशंका बढ़ जाती है।
  • कई महिलाओं इंफर्टिलिटी के लक्षणों को समझ नहीं पाती और जब वे गंभीरता से गर्भधारण करने का प्रयास करती हैं तो उन्हें असफलता हाथ लगती है। ऐसे में महिलाओं को इंफर्टिलिटी के लक्षणों को जानना और भी जरूरी हो जाता है।
  • आमतौर पर महिलाओं में इंफर्टिलिटी गर्भाशय और डिम्बकोश में किसी तरह की बीमारी या रोग होने से इंफर्टिलिटी का खतरा बढ़ जाता है।

इंफर्टिलिटी के लक्षण

  • सेक्स इच्छा में कमी हो जाती है। ऐसी महिलाएं सेक्स से दूर भागने लगती हैं।
  • संभोग के दौरान जल्दी डिस्चार्ज हो जाना या फिर फोरप्ले के लिए बहुत देर से तैयार होना।
  • अनियमित माहवारी होना या फिर महीने में दो-दो बार महावारी होना।
  • हर समय उदासी रहना या मानसिक तनाव रहना।
  • आत्ममविश्वास में कमी होना।
  • गर्भधारण के प्रयासों के दौरान गर्भधारण होने के बजाय हाईडाटिडेफामोल( हाइपरमोल) होना।
  • सामान्य से कम वजन होना।

इंफर्टिलिटी की चपेट में आने के कारण

  • कई बार कुछ महिलाएं लंबे समय से किसी बीमारी के कारण भी इंफर्टिलिटी का शिकार हो सकती हैं।
  • किसी एंटीबायोटिक का लंबे समय से सेवन करने या सेक्स लाइफ पर दवाओं के साइड इफेक्ट का होना।
  • किसी महामारी या लंबी बीमारी होने या फिर शारीरिक कमजोरी के कारण इंफर्टिलिटी का शिकार होना।
  • हार्मोंस के बीच असंतुलन या कुपोषण के कारण हार्मोंस में कमी होना।
  • एक बार गर्भपात हो चुका हो या फिर गर्भधारण करने की क्षमता ना होना।
  • गर्भधारण के दौरान कोई अंदरूनी चोट पहुंचना या फिर जानबूझकर गर्भपात करवाने से होने वाले साइड इफेक्ट।
  • ऑपरेशन के दौरान पहले बच्चे के होने से भी कई बार महिलाएं दोबारा गर्भधारण करने में सक्षम नहीं हो पाती।
  • धूम्रपान और एल्कोहल का बहुत अधिक सेवन करना।
  • अत्यधिक वजन से भी महिलाओं की प्रजनन क्षमता पर प्रभाव पड़ता है।

ये तो आप जानते ही हैं गर्भधारण करने के लिए महिलाओं को पहले खुद फिट होना चाहिए तभी वे गर्भधारण कर सकती हैं। कई बार महिलाएं सेहतमंद नहीं होती जिसका नकारात्मक प्रभाव उनके होने वाले बच्चे पर पड़ सकता है और कई बार किसी बीमारी से पीडि़त होने, शारीरिक कमजोरी इत्यादि भी महिलाओं के इंफर्टिलिटी का कारण बनने लगती हैं।

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