जान ले चुम्बन (Kiss) से जुड़े यह अजीब सवाल और जवाब

हिंदुस्तान में प्रेम को ईश्वर का रूप माना जाता है तथा हमारे यहां लैला मजनू, शिरी फरहाद जैसी कहानियां भी लोक कथाओं का एक हिस्सा है और प्रेम दिखाने का सबसे असान तरीका किस करना माना जाता है लेकिन क्या कभी हमारे दिमाग में यह बात आई कि इंसान ने किस करना कैसे सीखा होगा और कैसे इंसान ने यह जाना कि किस करना अच्छा लगता है और इसके साथ-साथ एक सवाल और भी उठता है कि इंसान कब से किस कर रहा है

आमतौर पर यह सारे सवाल उटपटांग सवालों की श्रेणी में आते हैं और कोई भी व्यक्ति कहेगा कि क्या बकवास है! भला इसमें दिमाग लगाने की आवश्यकता ही क्या है लेकिन मनोवैज्ञानिक इन सवालों के जवाब जानने में लगे रहते हैं. आइए जानते हैं किसिंग से जुड़े ऐसे ही कुछ दिलचस्प सवाल और उनके जवाब

किसिंग से अच्छे लाइफ पार्टनर का पता चलता है

साइंटिस्ट मानते हैं कि किसिंग के दौरान जब हमारे चेहरे करीब आते हैं, तो हम एक-दूसरे के फेरोमोंस के कॉन्टैक्ट में आते हैं। फेरोमोंस यानी हमारे शरीर की कुदरती गंध। इस गंध में हमारे बारे में बहुत सारी इन्फॉर्मेशन होती हैं। जैसे कि हम भीतर से कितने स्वस्थ हैं, हमारे जीन की क्वालिटी कैसी है, वगैरह-वगैरह। किसिंग के दौरान दोनों पार्टनर्स के बीच इन इन्फॉर्मेशन का आदान-प्रदान होता है। इससे बेहतर लाइफ पार्टनर चुनने में मदद मिलती है।

किस करना कैसे शुरू हुआ

यह सवाल काफी मुश्किल है लेकिन फिर भी कुछ मनोविज्ञानिक और सभ्यताओं पर रिसर्च करने वाले लोग मानते हैं कि मानव सभ्यता में किस करना मां द्वारा छोटे बच्चों को खाना खिलाने के दौरान हुआ है. इन लोगों के अनुसार हजारों साल पहले जब इंसान आदिमानव की जिंदगी जीता था तब माँ छोटे बच्चों के मुंह में अपने मुंह का चबाया हुआ खाना डाल देती थी, यह प्रक्रिया ठीक वैसे ही थी जैसे चिड़िया अपने बच्चों को दाना खिलाती है.

लेकिन समय के साथ-साथ सभ्यता का विकास होता गया और मानव ज्यादा सभ्य होने लग गया. लेकिन यह गुण इंसान के DNA में ऐसा रच बस गया कि उसे आज तक यह क्रिया इस क्रिया का सूक्ष्म रुप यानि किस करना अच्छा लगता है. कुछ डॉक्टर के अनुसार इस क्रिया के दौरान मां अपने छोटे बच्चों को अपने होठों से छूती थी जो छोटे बच्चों को काफी अच्छा लगता था और जैसे-जैसे मानव सभ्यता आगे बढ़ती गई इसका सुधरा हुआ रूप चुंबन के रूप में प्रसिद्ध होता हुआ चला गया और समय के साथ ही यह प्यार जताने का जरिया बन गया

10% लोग किस करना नहीं जानते

ऐसा नहीं है कि किसिंग के बारे में जन्म से ही पता होता है। इंसान देख-देखकर भी सीखता है। साइंटिस्ट कहते हैं कि जंगलों में रहने वाले कुछ कबीलों में किसिंग डेवलप ही नहीं हुई है। उन्हें पता ही नहीं है कि किस करना क्या होता है। दुनिया में ऐसे लोगों की संख्या 8-10 परसेंट है।

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तंत्र कोशिकाओ के कारण मिलता है आनंद

चुम्बन, सेक्स के दौरान की जाए या यूं ही प्यार जताने के लिए, उसमें अच्छा महसूस होता है। दरअसल, हमारी जीभ और होंठों में ढेर सारी तंत्र कोशिकाएं होती हैं। इनसे जब दूसरे शख्स के नर्म नाजुक होंठों और जीभ का स्पर्श होता है, तो दोनों को सनसनी का अहसास होता है। इन्ही कोशिकाओं के होने के कारण यह अहसास काफी तेज होता है और हल्की सी छुअन का पता भी चल जाता है।

चुंबन के मामले में भारत पश्चिमी देशों से है कहीं आगे

आम तौर पर भारत के लोग विदेशी फिल्मों को देखकर चुंबन के बारे में सोचते हैं और उसी प्रकार करने की कोशिश करते हैं इसके अलावा हमारे मुंबईया फिल्मकार भी इस मामले में पीछे नहीं हैं. लेकिन सच बात तो यह है कि भारत में चुंबन करने के विभिन्न तरीके हजारों सालों से रहे हैं. जहां पश्चिमी सभ्यताओं में चुंबन के बारे में डॉक्यूमेंट और अन्य सामग्रियां सोहलवी सदी से ज्यादा पुरानी नहीं है, वही भारत में कई हजारों कई हजार साल पुराने ग्रंथों में भी चुंबन के बारे में विस्तार से वर्णन किया गया है. यहां तक कि काम सूत्र में भी चुंबन का वर्णन है

जानवर भी करते हैं किस

कुछ साइंटिस्ट यह भी मानते हैं कि इंसान में किस करने का गुण जन्मजात होता है, यानी उसे सिखाना नहीं पड़ता। उनका मानना है कि किसिंग एकदम नेचुरल है। अपनी इस थ्योरी के पीछे वे जानवरों द्वारा किस करने का तर्क देते हैं। माना जाता है कि गाय, बकरी, कुत्ते, भाूल, चिंपैंजी जैसे कई जानवर प्यार जताने के लिए एक-दूसरे की नाक से नाक रगड़ते हैं, वह किसिंग का ही एक रूप है। कुछ जानवर तो लिप्स भी छुआते हैं।

किस करने से हो सकती है बीमारी

हमारे मुंह में 278 तरह के जर्म्स रहते हैं। किस करने के दौरान ये जर्म्स एक-दूसरे के मुंह में जाते हैं। हालांकि इनमें से ज्यादातर जर्म्स कोई नुकसान नहीं पहुंचाते हैं, लेकिन साइंटिस्ट्स का कहना है कि किसिंग से पायरिया जैसी बीमारियां फैल सकती हैं।

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