लिव इन रिलेशनशिप सही है या गलत?

हालांकि सारे देशों में लिव इन रिलेशनशिप को स्वीकृति नहीं मिली है और इसके लिए कानून बनाए जा रहे हैं। बिना शादी किए दो लोगों का एक साथ रहना पूरब के देशों में अभी भी वजिर्त माना जाता है। वहीं पश्चिम के ज्यादातर देशों में इसका खुले बाहों से स्वागत किया गया है और वहां के युवाओं ने इसे खूब अपनाया है। ज्यादातर लोग लिव इन रिलेशनशिप को इस लिए तरजीह देते हैं क्योंकि यह काफी सुविधाजनक होता है और इसमें ज्यादा परेशानी भी नहीं होती है।

शादी करना काफी खर्चीला होता है। साथ ही इसके लिए समय और संसाधन की जरूरत होती है। वहीं अगर शादी असफल हो जाए तो तलाक के लिए कानूनी झंझट से गुजरना पड़ता है। लिव इन रिलेशनशिप को आप शादी की प्रिव्यू के तौर देख सकते हैं, जिससे यह अंदाजा होता है कि आपकी शादी सफल होगी या नहीं। अगर लिव इन के दौरान आपको लगे कि मामला जम गया है तो आप शादी कर सकते हैं, वरना रिश्ते को बिना किसी परेशानी के छोड़ भी सकते हैं। लिव इन रिलेशनशिप के बारे में अलग-अलग लोगों की राय अलग-अलग है।

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  • नई पीढ़ी लिव इन रिलेशनशिप को इस लिए पसंद कर रही है, क्योंकि इस रिश्ते में आजादी के साथ-साथ लचीलापन भी है। इसमें रहने वाले कपल शादी के बंधन और इसके नियमों में नहीं बंधे होते हैं।
  • लिव इन रिलेशनशिप में बच्चे की प्लानिंग, रिश्तेदारों की चिंता और हर चीज शेयर करने जैसी बंदिश भी नहीं होती है। इस रिलेशनशिप में कपल के सामाने एक दूसरे की जिम्मेदारियों को बांटने जैसी मजबूरियां भी नहीं होती है।
  • जब आप लिव इन रिलेशनशिप में होते हैं तो पैसों के मामले में आप पार्टनर से स्वतंत्र होते हैं। इसमें अपने पार्टनर के साथ अपनी कमाई को शेयर करने जैसी बाध्यता नहीं होती है। आपके पास पूरी आजादी होती है कि आप अपने पैसों का इस्तेमाल कैसे करते हैं।
  • लिव इन रिलेशनशिप को कपल के बीच सामंजस्य को परखने के तौर पर भी देखा जा सकता है। इसके जरिए आप यह देखते हैं कि क्या आप अपने पार्टनर के साथ रह कर उनसे तालमेल बिठा पा रहे हैं नहीं।
  • हर कोई लंबे रिलेशनशिप को पसंद नहीं करता है। कुछ लोग लंबे समय तक एक ही पार्टनर से ऊब जाते हैं। लिव इन रिलेशनशिप ऐसे लोगों के लिए ही है। अगर उन्हें लगे कि वह अब ऊब रहें हैं तो पार्टर बदलने के लिए स्वतंत्र हैं।
  • शादी के उलट लिव इन रिलेशनशिप को तोड़ना ज्यादा आसान होता है। अलग होने से पहले किसी भी तरह की कानूनी खानापूर्ति नहीं करनी होती है। ब्रेकअप के दौरान आपको सिर्फ भावनात्मक पहलू से निपटना होता है।
  • लिव इन रिलेशनशिप में आप खुद नियम बनाने के लिए स्वतंत्र होते हैं। इसमें समाज के द्वारा तय किए गए मानक नहीं होते हैं। यह आप पर निर्भर करता है कि आप लिव इन रिलेशनशिप को कैसे आगे बढ़ाते हैं।
  • लिव इन रिलेशनशिप कपल को बड़े पैपने पर लचीलापन उपलब्ध कराता है। लिव इन रिलेशनशिप के मामले में तो कई बार ऐसा भी देखा गया है कि कपल एक दूसरे को एक से ज्यादा पार्टनर रखने की भी आजादी दे देते हैं।
  • लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे कपल को शायद ही कभी एक दूसरे के लिए त्याग देना पड़ता है। इस रिलेशनशिप में आप सिर्फ अपने बारे में सोचने के लिए स्वतंत्र होते हैं। आपको अपने पार्टनर के अनुसार अपने स्वभाव में बदलाव करने की मजबूरी भी नहीं होती है।
  • लिव इन रिलेशनशिप को आप बड़ी आसानी से खत्म कर सकते हैं। यही कारण है कि इसे काफी लोकप्रियता मिल रही है। जब भी आपको लगे कि आप अपने पार्टनर के साथ तालमेल नहीं बिठा पा रहे हैं, तो तलाक की जटिल प्रक्रिया से गुजरे बिना आप रिलेशनशिप को खत्म कर सकते हैं।

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