महिलाओं में हार्मोन संबंधी समस्याओं के निदान के लिए टेस्ट

महिलाओं में हार्मोन संबंधी समस्याओं के निदान के लिए विभिन्न टेस्ट है। ये महिला के शरीर में पांच हार्मोन, अर्थात्, एस्ट्रोजेन, प्रोजेस्टेरोन, कोर्टिसोल, डीएचईएएस और टेस्टोस्टेरोन के बीच आपस में संबंधित है। ये हार्मोन स्वास्थ्य के लिए मौलिक हैं और हार्मोन संतुलन को बनाए रखने में मदद करते हैं। हार्मोनल असंतुलन व्यक्ति के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते है। इस प्रकार, शरीर पर इन हार्मोन के प्रभाव का विश्लेषण करने के लिए संबंधित टेस्ट है।

वजन बढ़ना टेस्ट के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक है। कोर्टिसोल के स्तर में वृद्धि, स्ट्रेस हार्मोन, रक्त शर्करा में अस्थिरता का कारण बन सकता है, इस प्रकार शुगर लालसा में वृद्धि कर सकते हैं। एक उच्च एस्ट्रोजेन का स्तर थायरॉयड ग्रंथि के कार्यप्रणाली में हस्तक्षेप करता है, परिणास्वरूप वजन में वृद्धि हो सकती है। वजन में वृद्धि टेस्टोस्टेरोन और / या डीएचईएएस के स्तर में वृद्धि में भी वदल सकता है, पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि सिंड्रोम जो कि वजन कम करना बहुत मुश्किल बनाता है।

नींद में गड़बड़ी कोर्टिसोल के कम या उच्च स्तर के कारण हो सकता है, बस एस्ट्राडायल के स्तर में गिरावट होती है। पोस्टरजोनिवृति अवधि के दौरान, कुछ महिलाएं हॉट फ्लैश और रात में घबराहट/पसीना और नींद में गड़बड़ी से पीड़ित होती है, जो अक्सर हार्मोनल असंतुलन के लक्षण है। वसाद, कठिन समय का सामना करने में कठिनाई और चिड़चिड़ापन हार्मोनल असंतुलन के कुछ संकेत है। महिलाएं, जो अक्सर उन गड़बड़ीयों से राहत पाने के लिए बाद में उपचार कराती है।

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अस्थि हानि(हड्डियों का कमजोर होना) शरीर में हार्मोनल असंतुलन का एक अन्य लक्षण है। टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्राडायल हड्डियों के निर्माण में मदद करता है। दूसरी ओर, कोर्टिसोल की मात्रा में वृद्धि हड्डियों को कमजोर करता है, इस प्रकार टेस्टोस्टेरोन हड्डी निर्माण के कार्य में बाधा पहुंचाता है। महिलाओं में हार्मोन असंतुलन का एक बहुत ही आम संकेत दिखते है, स्तन कैंसर के रूप में, एस्ट्राडायल की अधिक रेंज के कारण, प्रोजेस्ट्रेरोन की कम रेज, डीएचईएएस की अधिक रेंज और इवनिंद कोर्टिसोल के अधिक रेंज के कारण होता है।

इसके अतिरिक्त, महिलाओँ में हार्मोन समस्याओं के निदान के लिए सालीवा हार्मोन टेस्ट का चयन भी किया जा सकता है। इसमें, लार उपचार हार्मोन जो वास्तव में एक उत्तक में यह बनता है, चूंकि हार्मोन लार ग्रंथि के उत्तकों के माध्यम से पारित होते है इससे पहले कि यह लार में प्रवेश करें, यहां, रक्त हार्मोन जो कि लार उत्तकों को प्रवेश करने से रोकने में सक्षम नही हो सकते है। महिलाओं में हार्मोन संबंधी समस्याओँ के निदान के लिए यहां बुनियादी टेस्ट है।

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