रजोनिवृति का याद्दाश्त पर असर

रजोनिवृति के दौरान एक महिला के अन्‍दर कई तरह के बदलाव आते है। और इन सब बदलावों का असर उनकी याद्दाश्‍त पर भी पड़ता है। धीरे- धीरे महिलाओं की याद्दाश्‍त कम होने लगती है। रजोनिवृति महिलाओं के शरीर में होने वाली वह स्वभाविक प्रक्रिया है जिसमें मासिक धर्म 45-50 साल की आयु मे पहुंचते-पहुंचते कम और बाद मे बन्द हो जाता है।

इस समय महिलाओं में कुछ बदलाव आते है जो मानसिक व शारीरिक हो सकते हैं जैसे चिडचिडापन, बहुत गर्मी लगना, हाथ पैर में जलन, सोते समय शरीर से पसीना आना, याद्दाश्‍त का कम होना आदि। अगर आपकी भी रजोनिवृति में याद्दाश्‍त कमजोर हो गई है तो चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है क्‍योंकि रजोनिवृति में अल्पकालिक स्मृति हानि होना आम बात है। आइए हम आपको बताते है कि रजोनिवृत्ति के दौरान याद्दाश्‍त कम होने के क्या कारण हैं और आप याद्दाश्‍त दुरूस्‍त के लिए क्‍या कर सकते हैं।

याद्दाश्त और रजोनिवृत्ति

याद्दाश्‍त का कम होना हां‍लकि उम्र बढ़ने का एक स्वाभाविक हिस्सा है। लेकिन रजोनिवृति में महिलाएं अक्सर “मस्तिष्क फ्रीज” या मानसिक अक्षमता की शिकायत करती है। जब उनको कुछ जानकारी प्राप्त करनी होती हैं तो उनको वह याद नही आती है और कई बार तो ऐसा भी होता है कि कोई शब्‍द वह इस्‍तेमाल करना चाहती हैं, पर वह शब्‍द याद ही नही आता और शब्द खोजने में परेशानी हो जाती है। रजोनिवृत्ति में याद्दाश्‍त का थोड़ा सा कम होना सामान्य संकेत है, लेकिन रजोनिवृति में याद्दाश्‍त अल्पकालिक ही हो यह जरूरी नही है।

एक निष्‍कर्ष के दौरान यह बात स्‍पष्‍ट हुई है कि रजोनिवृत्ति के दौरान एस्ट्रोजन का अस्थिर स्तर फजी दिमाग के लिए जिम्मेदार होता है। एस्ट्रोजन याद्दाश्‍त में एक सक्रिय भूमिका अदा करता है। एस्ट्रोजन न्यूरोट्रांसमीटर है, जो आपके मस्तिष्क के कुछ हिस्सों को एक दूसरे के साथ संवाद करने की अनुमति देता है। एस्ट्रोजन मस्तिष्क में रक्त वाहिकाओं को फैलाने में भी मदद करता है, और लाल रक्त कोशिकाओं के प्रवाह में वृद्वि मस्तिष्क के फंग्‍शन में मदद करती है। जबकि महिला में रजोनिवृत्ति के दौरान, एस्ट्रोजन का स्तर कम हो जाता है।

एस्ट्रोजन को याद्दाश्‍त कम या ज्‍यादा होने में एक प्रमुख कारण मनाना ठीक नहीं है, इसलिए शोधकर्ता रजोनिवृत्ति के दौरान याद्दाश्‍त कम होने के अन्य कारणों के बारे में पता लगा रहे हैं।

रजोनिवृत्ति कई महिलाओं के लिए अत्यधिक तनाव का समय होता है। रजोनिवृत्ति में डिप्रेशन होने से किसी भी जानकारी को बनाए रखने और पुन: प्राप्त करने में काफी कठिनाई होती है। नींद और पोषक तत्‍वों की कमी एक साथ मिलकर मस्तिष्‍क की परेशानियों को ओर भी बढ़ा देती है जिससे याद्दाश्‍त पर असर पड़ता है। आइए जाने ऐसे ही कुछ उपाय जिनके द्वारा रजोनिवृति के दौरान याददाश्त को तेज और अपने मस्तिष्क को स्थिर रखने में आपको मदद मिल सकती हैं।

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याददाश्त को तेज करने के उपाय

सक्रिय दिमाग :- शरीर के बाकी अंगो की तरह, आपके मस्तिष्क को भी व्यायाम की जरूरत होती है। यात्रा भी मस्तिष्क की शक्ति बढ़ाने के लिए एक उत्कृष्ट तरीका है, लेकिन यह ध्‍यान रखें की यात्रा में बहुत ज्यादा काम न करें।

अपने को आराम दे :- रजोनिवृत्ति और अनिद्रा अक्सर साथ-साथ चलती है। रजोनिवृत्ति में रात को अत्‍यधिक पसीना आप की नींद को खराब कर देता है। लेकिन आपको सोने की कोशिश करनी चाहिए क्‍योंकि नींद आपके लिए आवश्यक होती है। नींद ऊर्जा के स्तर को बनाए रखने में, दिमाग को स्पष्ट रूप से सोचने में और सही समय पर जानकारी देने में सहायक होता है। इसलिए महिलाओं को एक दिन में कम से कम आठ घंटे की नींद अवश्‍य लेनी चाहिए।

सही खान-पान :- रजोनिवृत्ति के दौरान आपको विशेष प्रकार के भोजन की आवश्‍यकता होती है। जिस प्रकार शरीर के लिए उचित पोषक तत्वों की आवश्‍य‍कता होती है उसी प्रकार दिमाग को भी। पोषक तत्वों के अभाव में दिमाग आपको सही जानकारी नही देता है। ताजा फल, सब्जियां, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट की संतुलन मात्रा लें और शराब से बचे, ये सब याद्दाश्‍त को दुरूस्‍त रखने में सहायक होती है। कुछ खाद्य पदार्थ जैसे ब्लूबेरी, मछली, फलियां, और सोया उत्पाद दिमाग को तेज करने वाले खाद्य पदार्थ माने जाते है।

तनाव को कम करें :- तनाव आपके शरीर से हार्मोन क्रोस्टिसोले को संग्रहीत करता है, जो याद्दाश्‍त को ब्लॉक करने का कारण बनता है। सभी रजोनिवृति महिलाओं को तनाव होता है, लेकिन यह जल्दी रजोनिवृत्ति या शल्य चिकित्सा रजोनिवृत्ति महिलाओं को विशेष रूप से प्रभावित करता है। गहरी सांस, योग, तैराकी या तनाव को कम करने के लिए चलने का अभ्यास करने का प्रयास करें।

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