कोरोना मरीजों के मस्तिष्क में दिख रही विशेष जटिलताएं

नई दिल्ली। कोरोना वायरस से अभी तक लाखों लोग असमय काल के गाल में समा चुके है। एहतियात बरत कर हम इस वायरस को खुद से दूर तो रख सकते है। लेकिन जो लोग इस वायरस की चपेट में आ जा रहे हैं उनमें कई तरह की परेशानियां ठीक होने के बाद भी देखी जा रही है। कोरोना के मरीजों पर किए गए अध्ययनों में एक तिहाई के मस्तिष्क के अग्रिम हिस्से में कुछ जटिलताएं देखने को मिलीं। यह अध्ययन तंत्रिका तंत्र पर बीमारी के असर पर प्रकाश डाल सकता है। अध्ययन रिपोर्ट ‘सीजर: यूरोपियन जर्नल ऑफ एपिलेप्सी में प्रकाशित हुई है। अमेरिका के बेयलर कॉलेज ऑफ मेडिसिन में तंत्रिका तंत्र विज्ञान के सहायक प्रोफेसर जुल्फी हनीफ ने कहा कि हमें 600 से अधिक ऐसे मरीज मिले जो इस तरह प्रभावित हुए। जब हमने इसे छोटे समूहों में देखा तो हम इस बात को लेकर नहीं थे कि यह महज संयोग है या कुछ और, लेकिन अब हम पक्के तौर पर कह सकते हैं कि इसका कुछ संबंध है।

अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि अध्ययन में शामिल लोगों के मस्तिष्क के अग्रिम हिस्से में असामान्यताएं देखने को मिलीं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 मरीजों के ईईजी से कुछ संकेत ऐसा मिला कि मस्तिष्क को इस हद तक भी नुकसान पहुंच सकता है कि बीमारी से ठीक होने के बाद भी इसकी भरपाई नहीं हो सकती। हनीफ ने कहा, ”हम जानते हैं कि नाक के जरिए वायरस के प्रवेश करने की सबसे ज्यादा संभावना होती है, इसलिए मस्तिष्क के उस हिस्से के बीच संबंध प्रतीत होता है जो प्रवेश बिंदु के नजदीक है। उन्होंने कहा कि एक और बात यह देखने को मिली कि इस तरह प्रभावित हुए लोगों की औसतन आयु 61 वर्ष थी और इनमें एक तिहाई महिलाएं तथा दो तिहाई पुरुष थे। इससे पता चलता है कि कोरोना वायरस से संबंधित मस्तिष्क असामान्यता बुजुर्ग पुरुषों में आम हो सकती है।

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