शादी के तुरंत बाद पार्टनर से ना करें ये बातें, नहीं तो हो जाएगी कलह

शादी से पहले आपके अपने पार्टनर के साथ बहुत अच्‍छे सम्‍बंध थे, लेकिन शादी के बाद उल्‍टा हो या, उन्‍हें न आपकी बातें भाती हैं और न आपको उनकी। इसके पीछे कारण क्‍या है, कभी जानने की कोशिश करिए। ऐसी छोटी-छोटी दिक्‍कतों के पीछे हम ही कारण होते हैं। शादी से पहले और बाद में रिश्‍तों में फेर हो जाता है, ऐसे में उनकी गरिमा और पद में भी बदलाव हो ही जाता है लेकिन हम नहीं समझ पाते है और अनजाने में कुछ गल्तियां कर बैठते हैं। ये गल्तियां, दोस्‍तों से लेकर बातें शेयर करने तक की हो सकती हैं।

शादी के बाद आप पति-पत्‍नी हो जाते हैं, ऐसे में आपकी बातचीत में भी परिपक्‍वता आ जाती है, आप हर बात गंभीरता से लेते हैं और सामने वाले से भी उसी स्‍तर की बात करने की उम्‍मीद रखते हैं, बस यहीं आकर गड़बड़ हो जाती है। शादी के बाद जीवनसाथी के साथ कई बातों को साझा करने की आवश्‍यकता नहीं होती है।

शादी में होने वाला खर्च

पैसा जरूरी होता है लेकिन इतना नहीं कि आप उसका बही खाता खोलकर अपने जीवनसाथी को रोज-रोज सुनाएं। शादी रोज नहीं होती, ऐसे में उसे जीवन का अह्म दिन मानकर खर्च कर दीजिए और अपने जीवनसाथी को उसके बारे में हर वक्‍त न बताइए।

उनके रिश्‍तेदारों का मजाक न बनाएं

शादी में लोगों की ड्रेस, उनकी हरकतें सबकुछ बड़ा मजेदार होता है, लेकिन अपने जीवनसाथी के सामने उनका मजाक न बनाएं, क्‍योंकि आपको नहीं मालूम होता है कि वो किसके साथ ज्‍यादा क्‍लोज हैं। ऐसे में उनहे बुरा लग सकता है।

अपने एक्‍स के साथ तुलना करना

शादी के बाद अपने जीवनसाथी को अपने एक्‍स के साथ कभी भी उसके सामने तुलना न करें, इससे उन्‍हे दुख पहुंचेगा। भले ही वो आपके जताएं नहीं लेकिन ऐसा होता है। आपका जीवनसाथी जैसा भी हैं, लेकिन उसे, आपको लेकर मन में कई सने होंगे, आपके द्वारा ऐसा करने में वे सपने पल भर में टूटकर बिखर जाएंगे।

मुझे वक्‍त चाहिए

आपने शादी कर ली, लेकिन जब पार्टनर के साथ अच्‍छा वक्‍त बिताने के पल आएं तो आपने यह कहकर उनका दिल तोड़ दिया कि आपको कुछ वक्‍त चाहिए। अगर आपको वक्‍त चाहिए था, तो शादी देर से करते। अब जब कर ली है तो उन्‍हे अपनाने में आपको कैसी झिझक।

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उनके दोस्‍तों को बुरा-भला कहना

अपने पार्टनर के दोस्‍तों या सहेलियों को कुछ भी बोल देन, आप पर ही भारी पड़ सकता है। हो सकता है कि आप सहीं हों, लेकिन एक या दो मुलाकातों में ही किसी को पहचान लेना, संभव नहीं। इसलिए, अपने पार्टनर के दोस्‍तों के लिए तुंरत जजमेंटल न हों।

खुद से कर लेने वाला एटीट्यूड छोडें

अरे, रहने दो, मैं कर लूंगी। मैं इसे कर सकता हूँ, तुम अपना काम करो। ऐसी बातें, शादी के बाद छोड़ देनी च‍ाहिए। शादी दो लोगों के बीच का रिश्‍ता होता है, जिसमें पूरी पारदर्शिता होती है। ऐसे में आपका आत्‍म-निर्भर होना, अच्‍छा है लेकिन हर बात में उन्‍हे झिड़ककर हटा देना सही नहीं है। कभी-कभी उनकी मदद आपके लिए कारगर साबित हो सकती है।

मेरे मां-बाप कभी नहीं तुम्‍हे स्‍वीकार करते

शादी हो जाने के बाद अक्‍सर पति-पत्‍नी के बीच इस बात को लेकर तनातनी हाे जाती है कि मेरे मां-बाप तुम्‍हे लेकर कभी तैयार नहीं थे, वो तो मैंने मना लिया। अगर ऐसा है भी तो आपको शेखी मारने की जरूरत नहीं।

नौकरी से चिढ़

शादी के तुरंत बाद से कभी ये न कहें कि आपको उनकी नौकरी पर गुस्‍सा आता है या चिढ़ है। उनको उनके काम में सर्पोट करें। उनके काम को समझने की कोशिश करें, हो सकें तो मदद करें। लेकिन कभी भी हतोत्‍साहित न करें।

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