कैसे करें अपने सहकर्मी के साथ फ्लर्ट ?

सहकर्मियों के साथ किया जाने वाला खट्टा-मीठा मज़ाक दफ्तर के वातावरण को दिलचस्प बना देता है। यह मज़ाक सीमा में रह कर ही किया जाना चाहिए। वरना रिश्ते बनने के बजाय बिगड सकते हैं। दफ्तर का सुखद माहौल कर्मचारियों की काम करने की क्षमता को बढता है। कुछ लोग अपने सहकर्मियों के साथ एक दोस्ताना रिश्ते को बनाने के लिए फ्लर्टिंग की मदद लेते हैं। इस हंसी-मजाक के माध्यम से वे अपनी जान-पहचान को बढ़ाते हैं।

इसकी शुरआत बातचीत से या मेसज की सहयाता से की जा सकती है। क्योंकि सामने वाला व्यक्ति आपका सहकर्मी है जिससे आपको रोज रूबरू होना है। इसलिए जरूरी है कि मजाक अपनी गरीमा में रह कर ही किया जाए। अतः आज हम आपको अपने सहकर्मियों के साथ फ्लर्ट करने के तरीकों के बारे में

आकर्षक कपड़े पहने

हमारी पोशाक लोगों को आकर्षित करने में बहुत सहायता करती है। आपके पहनावे में सादगी व स्टाइल का तालमेल होना चाहिए। पोशाक पहनने का उद्देश्य हैसियत दिखाना नहीं बल्कि वाह-वाही बटोरना होना चाहिए। इस तरह आप लोगों की नज़रों में जल्द आएंगे।

तारीफ करें

दफ्तर के माहौल को खुशनुमा बनाए रखने के लिए आपको अपने सहकर्मी की तारीफ करनी चाहिए। तारीफ केवल पोशाक या बाहरी सुंदरता की ही नहीं बल्कि उनके काम की या उनके अच्छे गुणों की भी की जा सकती है। लेकिन किसी की झूठी तारीफ ना करें। क्योंकि झूठी तारीफ करने वाले अक्सर मतलबी व मौकापरस्त होते हैं।

इज्जत करें

सहकर्मियों के साथ की जाने वाली फ्लर्टिंग को एक हद तक सीमित रखें। जब मजाक में मर्यादा का उलंघन होता है तो बात प्रतिष्ठा व मान पर बन आती है। अतः सीमा में रहकर एक खुशमिजाज व्यक्ति के साथ फ्लर्ट करें।

मुस्कान

इस काम के लिए आपको मिठीछुरी भी बनना पड सकता है। होंठो पर खिलती हंसी व मुंह से फूटते मिठे बोल किसी को भी गुस्सा नहीं दिलाते हैं।

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मदद करें

कई कर्मचारियों को डींगे हांकने की बहुत आदत होती है लेकिन जब बात मदद करने की आती है तो वे सबसे पीछे खडे नज़र आते हैं। एक अच्छा और सच्चा इंसान वही है जो मुश्किल की घडी में किसी के काम आए। किसी का सहारा बनकर, आप लोगों की नज़रों में अपनी इज्जत को और बढाएंगे।

अंहकार

हर व्यक्ति के अंदर अहंकार छुपा होता है। फ्लर्टिंग से आप समय-समय पर अहंकार को पानी देने का काम करते हैं। जिस वजह से कुछ देर बाद उनके अहंकार में वृद्धि होने लगती है। परंतु ध्यान रहे कि ये अहंकार कहीं आप पर ही हावि ना हो जाए। अगर फ्लर्टिंग के दौरान सामने वाले व्यक्ति कुछ अलग तरह के हाव-भाव दिखाने लगे तो उनके साथ फ्लर्ट करना बंद कर दें।

ध्यान से फ्लर्ट करें

किस से कितना मजाक करना है या कौन किस हद तक मजाक को बर्दाश कर सकता है, इसकी जानकारी होना जरूरी है। अगर आपकी कही हुई कोई बात किसी को नापसंद हो तो बात को वहीं खत्म कर दें। अतः आगे चल कर यह मजाक लडाई में तबदील हो सकता है। कुछ स्थितियों में यह लोगों के साथ आपके रिश्तों को भी बिगाड सकता है।

बातचीत

हलकी-फुलकी बातें किसी के भी उदास चेहरे को खिलखिला सकती हैं। अपने सहकर्मी का मूड ठीक करने के लिए आप मेसज, स्माइ व चुटकुलों का सहारा ले सकते हैं। इस तरह आप स्नेहशील रूप से अपने सहकर्मियों के साथ जुडे रहेंगी। दफ्तर में अपने घर के या अपनी निजी जिंदगी के मसलों को ना सुलझाएं क्योंकि यह स्थान इन बातों के लिए नहीं है।

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