शादी में पत्‍नी की भूमिका क्‍या होती है?

समाज के हर वर्ग और हर पुरूष को समझना होगा कि अब महिलाएं घरों में नहीं बल्कि कामों में भी अच्‍छी लगती हैं। उन्‍हें बराबर का दर्जा और सम्‍मान मिलना चाहिए। वैसे, समय बदलने के साथ-साथ महिलाएं भी बदल ही गई हैं। अब वो चुप नहीं रहती हैं, आवाज उठाती हैं और अपने ऊपर भी ध्‍यान देती हैं। पुरूषों से ज्‍यादा सशक्‍त रूप में अब महिलाएं नजर आ रही है।

अगर महिला अच्‍छी तरह सहयोग करती है तो पुरूष को घर को चलाने में सहारा मिलता है और उसे शादी के बंधन में बंधने से डर नहीं लगता है। आइए जानते हैं किस प्रकार महिलाएं शादी में प्रमुख भूमिका निभा सकती हैं।

अपने पति को सम्‍पूर्ण बनाएं

हर पत्‍नी को ध्‍यान रखना चाहिए कि वो पति की आवश्‍यकताओं का उतना ही ध्‍यान रखें जितना कि वो आपका और आपकी संतान का रखते हैं। उसे हर दुख-सुख में पत्‍नी का साथ देना चाहिए।

अपने पति की मदद करनी चाहिए

कोई भी परिस्थिति हो, पत्‍नी को पति का साथ निभाना चाहिए। उसकी देखभाल करनी चाहिए और उसकी दिक्‍कतों को समझने का प्रयत्‍न करना चाहिए।

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पत्‍नी को भी निर्णय लेने चाहिए

जब बात प्रमुख निर्णय की हो, तो पत्‍नी को भी पति के साथ निर्णय लेना चाहिए। उसे भी अपनी राय व परामर्श देना चाहिए, ताकि पति सही निर्णय ले सकें। पत्‍नी को ऐसे पेश आना चाहिए कि वो पति के लिए जिम्‍मेदारी बल्कि सहयोगी बनें।

बिना किसी शर्त के प्‍यार करना चाहिए

पत्‍नी को अपने पति को बिना किसी शर्त के प्‍यार करना चाहिए। सशर्त पति को प्रेम करना गलत है, उससे हमेशा किसी न किसी चीज की अपेक्षा कतई न रखें वरना आपको कभी सच्‍चा प्‍यार नहीं मिलेगा।

कभी भी दबाव डालकर काम न करवाएं

पति या हो पत्‍नी, किसी भी पार्टनर को दबाव डालकर अपनी बात नहीं मनवानी चाहिए और न ही प्रेशर डालना चाहिए कि उनकी पसंद का ही काम हो। ऐसे में दूसरा व्‍यक्ति बात मान जाता है लेकिन उसे उस चीज या काम को करने में कोई दिलचस्‍पी नहीं होती है।

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