नहीं अच्‍छा है पार्टनर से ज्‍यादा प्‍यार करना, जानें क्‍यूं

एक पुरानी कहावत है  अधिक मिठास में खटास हो जाती है। कोई भी चीज़ एक अधिक मात्रा में अच्‍छी नहीं लगती है। ऐसा ही कुछ प्‍यार के मामले में है, जब हम प्‍यार में होते हैं तो ये सोचने से भी डर जाते हैं कि इस इंसान के बिना हमारी जिन्‍दगी कैसे कटेगी। ऐसे में उसे पाने और अपने पास बनाएं रखने के लिए ज्‍यादा कोशिश करते हैं, जिसकी वजह से उस पर पाबंदिया लगाना शुरू कर देते हैं और कई बार अनजाने में उसे दुख पहुंचाते हैं।

कई बार इसी कारण से रिश्‍तों में दूरी आ जाती है। आज बोल्‍डस्‍काई के इस आर्टिकल में इसी बारे में बातचीत की जा रही है कि ज्‍यादा प्‍यार ही प्‍यार को क्‍यूं खत्‍म कर देता है

स्‍वतंत्रता पर प्रतिबंध

ज्‍यादा प्‍यार करने से आप अपने पार्टनर की निजी स्‍वतंत्रता को छीन लेते हैं और उस पर ज्‍यादा ध्‍यान देते हैं जिससे उसे खीझ होती है। इस दौरान, आप अपने पार्टनर की हर गतिविधि पर नज़र रखने लगते हैं जिसकी वजह से भी उसे दिक्‍कत होती है, उसे लगता है कि आपको उस पर बिल्‍कुल भरोसा नहीं है।

बहुत ज्‍यादा नज़दीकी

हर समय अपने पार्टनर के इर्द-गिर्द घूमते रहने से आपके पार्टनर को भी गुस्‍सा आता है क्‍योंकि उसे उसका प्रॉपर स्‍पेस नहीं मिल पाता है। ऐसे में रिश्‍तों में नजदीकी की बजाय दूरी हो जाती है।

Gyan Dairy

व्‍यक्तिगत समय

ज्‍यादा नजदीकी बढ़ने से पार्टनर्स के बीच पर्सनल स्‍पेस नहीं रह जाता है, शुरूआत में तो अच्‍छा लगता है लेकिन थोड़े समय बाद बोरियत आ जाती है और खिसियाहट होती है। ऐसे में रिश्‍तों में खटास आ जाती है।

व्‍यक्तित्‍व का खोना

जब आप किसी को अपने बंधन में बांध लेते हैं तो आपका और उसका व्‍यक्तित्‍व मिल जाता है लेकिन अगर आप दबाव में रखते हैं तो दोनों कहीं गुम हो जाते हैं। दोनों की स्‍वतंत्रता और निजी सोच पर असर पड़ता है।

लड़ाई हो जाना

एक हद से ज्‍यादा प्‍यार होने पर आपके बीच तकरार होने की संभावना भी काफी ज्‍यादा बढ़ जाती है, क्‍योंकि ह़क जताना ही बवाल कर देता है। इसलिए, अपने पार्टनर को प्‍यार दें न कि अधिक प्‍यार।

Share