पुरूष हर वक्त क्यों नहीं बोलते “I Love You”

पुरूष कभी भी अपने आपको शब्दों में बयां नहीं कर पाते और इसी का उल्टा महिलाओं के साथ होता है। पुरूष हर चीज को अपने दिमाग में रखे रहते हैं और जब उसे रखना असहनीय हो जाता है, तब जाकर वह अपनी पाटर्नर को बोलते हैं। इसी तरह से अक्‍सर यह देखा जाता है कि कई बार लड़कियां अपने ब्‍वायफ्रेंड को मजबूर करती हैं कि वह उनसे तीन शब्‍द प्‍यार के यानी की “आई लव यू” बोले। लेकिन इसके लिये आपको अपने आ‍दमी पर किसी तरह का फोर्स डालने की जरूरत नहीं है। लड़के अपने आप से आई लव यू क्‍यों नहीं बोलते? चलिये जानते हैं इसके पीछे के छुपे हुए कारणों को

यह कहना उनके लिये अजीब सा होता है

फोन रखने से पहले हमेशा आई लव यू कहना, उनके लिये बहुत ही अजीब सा अनुभव होता है। हो सकता है कि आपको यह सुनना अच्‍छा लगता हो, लेकिन आपको वह समय और स्थिति समझनी चाहिये, जिसमें पुरुष होते हैं। इसलिये हमेशा उनका मूड देख कर ही उनसे आई लव यू बोलने को कहें।

क्‍यों दोहराना जब आपको पता है

जब आपको पता है कि आप दोंनो एक दूसरे को चाहते हैं, तो क्‍या जरूरत है कि हमेशा एक दूसरे से यह सब बोला जाए। पुरुषों को यह शब्‍द बार-बार कहना बिल्‍कुल अच्‍छा नहीं लगता क्‍योंकि उन्‍हें पता होता है कि उनकी पार्टनर यह जानती है कि वह उससे कितना प्‍यार करते हैं।

फेक लगता है

हमेशा यह सनसनीखेज शब्‍द कहना लड़को को नकली सा प्रतीत होता है। भले ही उनका मूड अच्‍छा ना हो, लेकिन अगर उनकी पाटर्नर को यह शब्‍द सुनने में अच्‍छे लगते हैं, तो उन्‍हें जबरदस्‍ती ये बोलना ही पड़ता है। और इससे उनको यह सब बनावटी लगने लगता है।

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वो बहुत ज्‍यादा शर्मीले हैं

कल्‍पना कीजिये कि वह अपने दोस्‍तों या फिर परिवार जनों के साथ हैं, और आप बार-बार उन्‍हें आई लव यू बोलने को कह रहीं हैं, तो यह बात ठीक नहीं होगी। उनकी भावनाओं को हमेशा ख्‍याल में रखें और बेवजह दूसरों के सामने उन्‍हें शर्मिंदा ना करें।

यह कोई ड्यूटी नहीं है

भले ही आप डेटिंग कर रहीं हों, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि वह हमेशा अपने आपको एक्‍सप्रेस करने के लिये ये तीन शब्‍द बोलते फिरते रहेगें। यह शब्‍द सीधे दिल से आने चाहिये ना कि किसी भी रिश्‍ते की मजबूरी में आकर । अपने आदमी को हल्‍के में ना लें और ना ही उसे इस बात के लिये फोर्स करें।

शब्‍द अपनी अहमियत खो देते हैं

सोने से पहले जब आपको ब्‍वॉयफ्रेड आई लव यू बोलते होंगे, तब शायद आप खुद को जन्‍नत में पाती होंगी। लेकिन जब आप रोज रात को यही शब्‍द बार-बार सुनती रहेंगी तो ये मैजिकल शब्‍द अपना चार्म यानी की अपनी अहमियत खो देंगे। इसलिये जब वह सच-मुच यह शब्‍द बोलना चाहें, तभी उन्‍हें बोलने दें।

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