क्‍यों कुछ सिरफिरे दूसरों की फीलिंग्‍स के साथ खिलवाड़ करते है?

आपने अपने फ्रैंड ग्रुप या सर्किल में एक ऐसा शख्‍स जरुर देखा होगा, जो एक साथ कई लोगों के साथ डेटिंग कर रहा है लेकिन किसी के प्रति वो सीरियस नहीं है। डेटिंग करना समस्‍या नहीं है, समस्‍या है तो किसी की भावनाओं के साथ खेलना। किसी की भावनाओं के साथ खेलना एक बीमारी हो सकती है। बहुत से ऐसे लोग है जिन्‍हें ऐसा करने में मजा आता है।

कई लोग ऐसे भी होते है कि जिन्‍हें कई लोगों के साथ रिलेशन में रहना और उस रिश्‍ते के लिए आस जगाने में उन्‍हें मजा आता है। और एक दिन जब उन्‍हें कोई और मिल जाता है तो वो चुपचाप से चले जाते हैं। इसे प्‍यार नहीं स्‍वार्थ कहा जाता है। खेेर! ऐसे लोगों को सच मानिए काउंसिलिंग की जरुरत होती है। किसी की फीलिंग्‍स के साथ खेलना कोई खुशी नहीं बल्कि एक मानसिक बीमारी हो सकती है। आइए जानते है इस बारे में

कारण 1.

सामान्‍य लोग दूसरों की फीलिंग्‍स के साथ नहीं खेलते हैं, जो लोग असुरक्षा की भावनाओं से घिरे रहते हैं वो लोग प्‍लेयर्स में बदल जाते हैं। ऐसे लोगों को अच्‍छा लगता है, जब वो किसी नए शख्‍स को अट्रेक्‍ट करते हैं। वो लगातार लोगों की फीलिंग्‍स के साथ खेलते रहेंगे। यह एक बीमारी है, जिसका सॉल्‍यूशन जरुरी है।

कारण 2.

अगर कोई शख्‍स प्‍यार को लेकर ज्‍यादा ही लालयित है तो वो क साथ कई लोगों को अट्रेक्‍ट करने की कोशिश करता है। प्‍यार को लेकर उनकी जरुरते उन्‍हें सुंतुष्टि नहीं दे पाते है। एक बुरा बचपन और प्‍यार को लेकर उनकी निराशा कुंठा में बदल जाती है

कारण 3.

कुछ लोग इतने लगातार अपनी तारीफ सुनना पसंद करते हैं, वो चाहते है कि हर एक शख्‍स उनसे मिले और उनके लुक की तारीफ करें। हो सकता है वो ज्‍यादा अच्‍छा महसूस करते है जब उनके सभी साथी एक साथ पॉजीटिव रिस्‍पॉन्‍स देते है।

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कारण 4.

हो सकता है कुछ लोग कमिटमेंट से डरते है इसलिए वो एक प्‍लेयर की तरह लोगों की भावनाओं से खेलना शुरू हो जाता है।

कारण 5.

कुछ लोग अपने बीते हुए समय में कम आकर्षक लगते थे, इस वजह से लोग उन्‍हें नकार देते थे। कई बार होता है कि वो एक दम से अपनी पर्सनेलिटी को बदलते हुए एक प्‍लेयर भी बन जाते हैं।

कारण 6.

कुछ लोग अपने रिलेशनशिप को एंजॉय करने के लिए अलग अलग तरह के पार्टनर चुनते है ताकि वो अलग अलग तरह की चीजें एक्‍सपीरियंस कर सकें।

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