मुंबई में पकड़ी गई 1000 करोड़ रुपये की ड्रग्स, अफगानिस्तान से लाई गई थी हेरोइन

मुंबई में ड्रग्स की एक बड़ी खेप पकड़ी गई है. बताया जाता है कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में इस 191 किलोग्राम हेरोइन की कीमत 1000 करोड़ रुपये है. डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस (DRI‌) और कस्टम विभाग ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की. जांच एजेंसियों के मुताबिक, तस्करों ने ड्रग्स को प्लास्टिक के पाइप में छुपाकर रखा था और उसे इस तरह से पेंट किया कि वो बांस जैसे लगे.

तस्करों ने इसे आयुर्वेदिक दवा बताया था. ड्रग्स के इंपोर्ट के कागजात तैयार करने वाले दो कस्टम हाउस एजेंट को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा, चार अन्य लोगों को जिसमें एक इंपोर्टर और फाइनेंसर को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है. दोनों को आज मुंबई लाया जाएगा.    

ड्रग्स को आयुर्वेदिक दवा बताया

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तस्करों ने ड्रग्स को प्लास्टिक के पाइप में छुपाकर रखा था. इस पाइप पर इस तरह से पेंट किया गया था कि ये बांस के टुकड़े दिख रहे थे. तस्करों ने इसे आयुर्वेदिक दवा बताया. इस मामले में ड्रग्स के इंपोर्ट के डटक्यूमेंट्स तैयार करने वाले दो कस्टम हाउस के एजेंट को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा इस मामले में कुछ और लोगों की गिरफ्तारी की बात भी की जा रही है. अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, दिल्ली के एक फाइनेंसर को भी गिरफ्तार किया गया है. इसे मुंबई लाने की तैयारी चल रही है.

न्यायिक हिरासत में

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राजस्व विभाग ने बताया कि इस सिलसिले में गिरफ्तार 2 लोगों को मुंबई की एक अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें  14 दिनों की न्यायिक हिरास में भेज दिया गया है. ये सारे ड्रग्स कई कंटेनर में छिपाकर लाए गए थे. कंटेनर के मालिक से भी पूछताछ की जा रही है.

अंतरराष्ट्रीय गिरोह के खिलाफ आरोप पत्र

बता दें कि पिछले दिनों राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुजरात के समुद्री मार्ग से करीब 500 करोड़ रुपये की हेरोइन की कथित तस्करी के सिलसिले में पाकिस्तान और दुबई से संचालित एक अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेरर गिरोह के आठ लोगों के खिलाफ शुक्रवार को आरोप दर्ज किये. आरोपपत्र में कहा कि उसकी जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान से उक्त गिरोह द्वारा गुजरात में समुद्री रास्ते से तीन खेप में हेरोइन लाई गयी. ये गिरोह पाकिस्तान के नागरिकों के साथ साजिश रचते हुए काम कर रहा था.  

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