पाकिस्‍तानी सेना ने भारत के सामने टेके घुटने…

आज का दिन भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम की विजय का दिवस माना जाता है. आखिर हो भी क्‍यों न क्‍योंकि आज ही के दिन 45 साल पहले 16 दिसंबर 1971 को भारत-पाकिस्‍तान युद्ध की परिणति के रूप में भारतीय सेना के रणबांकुरों के पराक्रम के सामने पाकिस्‍तानी सेना ने नतमस्‍तक होते हुए बिना शर्त घुटने टेक दिए.

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आज ही के दिन पूर्वी मोर्चे पर पाकिस्‍तानी सेना के चीफ जनरल आमिर अब्‍दुल्‍ला खान नियाज़ी ने पराजय स्‍वीकार करते हुए 93 हजार पाक सैनिकों के साथ भारतीय सेना के समक्ष ढाका में सरेंडर किया. भारतीय सेना की अगुआई जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा कर रहे थे. इसीलिए आज के दिन को विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है.

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सिर्फ इतना ही नहीं उस युद्ध का एक नतीजा यह भी निकला कि पाकिस्‍तान का एक हिस्‍सा उससे हमेशा के लिए अलग हो गया. दरअसल बांग्‍लादेश की मांग कर रहा पाकिस्‍तान का पूर्वी हिस्‍सा उससे अलग हो गया और दक्षिण एशिया में बांग्‍लादेश के नाम से एक नया मुल्‍क अस्तित्‍व में आया.

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