20 लाख अयोग्य किसानों को मिला पीएम किसान योजना का लाभ, अब लौटाने पड़ेंगे 1,364 करोड़ रुपये

नई दिल्ली। पीएम किसान सम्मान निधि योजना में सेंध लगाकर 20.48 लाख अयोग्य किसानों ने 1,364 करोड़ रुपये हड़प लिए। खास बात ये है कि इनमें सबसे ज्यादा किसान पंजाब के हैं। इसके बाद इस सूची में असम, महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश के अयोग्य किसानों का नंबर आता है। इन अयोग्य लाभार्थियों में आधे से अधिक (55.58 फीसद) आयकर दाता हैं। बाकी 44.41 फीसद वे किसान हैं, जो योजना की अर्हता पूरी नहीं करते हैं। अयोग्य लाभार्थियों को भुगतान की गई राशि वसूलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। योजना का पैसा वापस नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

पंजाब में सर्वाधिक (4. 74 लाख )अयोग्य लाभार्थी हैं। कुल अयोग्य लाभार्थियों का 23.6 फीसद पंजाब में रहते हैं। इसके बाद 16.8 फीसद (3.45 लाख लाभार्थी) अयोग्य लाभार्थियों के साथ असम का स्थान है। अयोग्य लाभार्थियों में 13.99 फीसद (2.86 लाख लाभार्थी) महाराष्ट्र में रहते हैं। इस प्रकार इन तीनों राज्यों में ही अयोग्य पाए गए लाभार्थियों की आधी से अधिक (54.03 फीसद) संख्या रहती है। गुजरात में कुल अयोग्य लाभार्थी 8.05 फीसद (1.64 लाख लाभार्थी) हैं। उत्तर प्रदेश में 8.01 फीसद (1.64 लाख) अयोग्य लाभार्थी रहते हैं। सिक्किम में एक अयोग्य लाभार्थी का पता चला है जो किसी राज्य में सबसे कम है।

Gyan Dairy

बहुत से किसानों को ये नहीं मालूम कि अगर उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर है तो इस योजना का लाभ उसे नहीं मिलेगा। परिवार का आशय पति-पत्नी और अवयस्क बच्चे से है। यानी पति या पत्नी में से कोई पिछले साल इनकम टैक्स भारा है तो उसे इस योजाना का लाभ नहीं मिलेगा। अगर कोई खेती की जमीन का मालिक है, लेकिन वह सरकारी कर्मचारी है या रिटायर हो चुका हो, मौजूदा या पूर्व सांसद, विधायक, मंत्री उन्हें पीएम किसान योजना का लाभ नहीं मिलता। प्रोफेशनल रजिस्टर्ड डॉक्टर, इंजिनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट या इनके परिवार के लोगों को भी इस योजना का फायदा नहीं मिलता।

Share