आज 68वां गणतंत्र दिवस : राजपथ पर परेड में दिखेगी भारत की सैन्यशक्ति की झलक

68 वें गणतंत्र दिवस परेड राजपथ पर मनाने की पूरी तैयारी हो चुकी है. सुबह 10 बजे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के झंडा फहराने के बाद परेड शुरू हो जाएगी, जो करीब 11.30 बजे तक चलेगी. सेना के एक जवान को मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा. इस जवान के नाम का ऐलान उसी वक्त होगा. सेना और अर्धसैनिक बलों के 15 मार्चिंग दस्ते अपने शौर्य और शक्ति का प्रर्दशन करते हुए मार्च पास्ट करेंगे. राजपथ पर 17 राज्यों और 6 मंत्रालयों की झांकियां भी प्रदर्शित की जाएंगी.

विंग कमांडर रमेश कुमार दूबे के नेतृत्व में परेड की शुरुआत होगी. चार एमआई-17 हेलिकॉप्टर आकाश से पुष्प वर्षा करेंगे. इनमें से एक हेलिकॉप्टर तिरंगा लेकर उड़ेगा, जबकि तीन अन्य हेलिकॉप्टरों पर सेना, नौसेना और वायु सेना की पताका फहराएगी. इसके बाद परेड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज नरवाने और उनके नायब मेजर जनरल राजेश सहाय सशस्त्र बलों के सर्वोच्च  के राष्ट्रपति के प्रति सम्मान प्रकट करेंगे. परमवीर चक्र और अशोक चक्र से सम्मानित सैनिक भी परेड कमांडर का अनुसरण करेंगे. परेड का सबसे बड़ा आकर्षण भारत के एकमात्र कैवेलरी का अपने प्रतापी घोड़ों के साथ मार्च होगा.

पहली बार परेड में संयुक्त अरब अमीरात के 144 जवानों का दस्ता भी सेना के जवानों के साथ परेड की अगुवाई करता नजर आएगा. ऐसा इसलिए हो रहा है कि इस साल गणतंत्र दिवस में मुख्य अतिथि अबु धाबी के शहजादे मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान हैं.

इतना ही नहीं टी-90 टैंक, आकाश और ब्रह्मोस मिसाइल भी राजपथ पर नज़र आएगी. अर्धसैनिक बलों के मार्चिंग दस्ते में बीएएसएफ का ऊंट सवार दस्ता और बैंड भी होगा. 25 राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार पाए बच्चे भी गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बनेंगे.

करीब 100 एनएसजी कमांडो का दस्ता भी पहली बार इस परेड में शामिल हो रहा है. एनएसजी ने पठानकोट आतंकी हमले से निपटने में ख़ास भूमिका निभाई थी, लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक के वीर परेड में नही दिखेंगे. हांलाकि पिछली बार पैरा कमांडो के दस्ते राजपथ पर कदमताल करते नजर आए थे. वैसे सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक में शामिल जवानों को कीर्ति और शौर्य चक्र जैसे सम्मानों से नवाजने का फैसला किया है. देश में ही बने हल्का लड़ाकू विमान तेजस भी पहली बार दूसरे लड़ाकू विमानों के साथ आसमान में करतब दिखाता हुआ नज़र आएगा. परेड में पहली बार देश में ही बनी तोप धनुष भी दिखाई देगी.

इसके साथ ही सेना की मोटरसाइकिल टीम ऐसे अदभुत करतब दिखाएंगी कि लोग दातों तले उंगुलियां दबा लें. परेड के बड़े आकर्षण में से एक एमआई-35 हेलिकॉप्टरों, स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस, जगुआर और सुखोई की सलामी उड़ान होगी. हालांकि, ये दोनों कार्यक्रम परेड के आखिरी चरण में होंगे. ये वो नजारा होता होता है जिसका इंतजार परेड को देखने वाले दर्शक बेसब्री से कर रहे होते है.

गणतंत्र दिवस परेड में मेकैनाइज्ड इन्फैन्ट्री रेजीमेंट, बिहार रेजीमेंट, गोरखा ट्रेनिंग सेंटर और पंजाब रेजीमेंटल सेंटर, सिख रेजीमेंटल सेंटर, मद्रास इंजीनियरिंग ग्रुप, इन्फैन्ट्री, बटालियन (क्षेत्रीय सेना) सिख लाइट इन्फैन्ट्री का संयुक्त बैंड भी दिखेगा.

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सेना अपने टैंक टी-90 और इन्फैन्ट्री कॉम्बैट व्हीकल और ब्रह्मोस मिसाइल, हथियार का स्थान बताने वाले रडार स्वाति, ढुलाई करने लायक उपग्रह टर्मिनल और आकाश हथियार प्रणाली को भी दर्शाएगी. एक और आकर्षण धनुष तोप प्रणाली होगा. इसके बाद एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर रूद्र सलामी उड़ान भरेगा.

रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) अपना एडवांस्ड टॉड आर्टिफिसियल गन सिस्टम (एटीएजीएस) और मध्यम क्षमता वाले रडार अरूद्र को प्रदर्शित करेगा.

परेड में पूर्व सैन्यकर्मियों की झांकी भी दिखेगी. इसके बाद नौसेना की मार्चिंग टुकड़ी और नौसेना की भी एक झांकी दिखेगी. वायु सेना के मार्चिंग टुकड़ी के बाद वायु सेना की भी एक झांकी दिखाई जाएगी, जिसमें भारतीय वायुसेना के सैन्य कौशल को प्रदर्शित किया जाएगा.

ओड़िशा, अरुणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, गुजरात, लक्षद्वीप, कर्नाटक, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, पंजाब, तमिलनाडु, त्रिपुरा, जम्मू कश्मीर, असम समेत अन्य राज्य अपनी-अपनी झांकियों के माध्यम से अपनी परंपरा और संस्कृति की झलक पेश करेंगे.

अर्धसैनिक बल की टुकड़ी का नेतृत्व बीएसएफ का ऊंट बैंड करेगा. इसके बाद भारतीय तटरक्षक बल, सीआईएसएफ, दिल्ली पुलिस, एनएसजी और एनसीसी की टुकड़ियां मार्च करेगी.

वित्त मंत्रालय के तहत केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं सीमा शुल्क बोर्ड विभाग के साथ कौशल विकास मंत्रालय की भी झांकी गणतंत्र दिवस परेड में देखने को मिलेगी.

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