भारत से युद्ध के इरादे से चीन ने एलएसी पर बढ़ाई लड़ाकू विमानों की संख्या

नर्ई दिल्ली। भारत और चीन के तनाव के बीच चीन एक बार फिर एलएसी पर अपनी ताकत को बढ़ाने का प्रयास करने में जुटा है। चीन एलएसी बॉर्डर पर मल्टीरोल लड़ाकू विमान की तैनाती करने की फिराक में लगा हुआ है। ग्लोबल टाइम्स के एक लेख में पीएलए डब्ल्यूटीसी एयर फोर्स से जुड़ी एक ब्रिगेड ने हाल ही में लड़ाकू क्षमता की जांच कर उसे बढ़ाने के उदे्श्य से एयर-टू-एयर अभ्यास किया था। जे-16 फाइटर जेट चीन द्वारा निर्मित तीसरी पीढ़ी का फाइटर जेट है।

पूर्वी लद्दाख में तनाव को देखते हुए दोनों देशों ने अपनी-अपनी तरफ भारी संख्या में सेना की तैनाती कर चुके हैं। लद्दाख की कपकपाती ठंड में भी भारतीय सेना के जवानों की तैनाती की गई है। भारत ने लद्दाख क्षेत्र में अपने नए खरीदे गए राफेल लड़ाकू विमानों की तैनाती कि है। जिसमें चीन के साथ जारी विवादों को सुलझाने के लिए कई बार सैन्य स्तर की वार्ता हो चुकी है और आगे भी होने की संभावना है। लेकिन चीन की हरकतों को देखते हुए भारत ने सीमा सुरक्षा बड़ा दी है। जे-16 एक रूसी फाइटर जेट सीरीज का लड़ाकू विमान डबल इंजन वाले,टू-सीटर मल्टी रोल फाइटर जेट है,जो हवा से हवा में मार करने की क्षमता रखता है। यह एक बार में कम से कम 8 टन वजनी हथियार ले जाने में सक्षम है।

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