केंद्र की आपत्ति के बाद घर-घर राशन योजना का नाम बदलने को तैयार हुए सीएम केजरीवाल, कही ये बात

नई दिल्ली। दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार और केन्द्र के बीच ताकत की रस्सा कस्सी जारी है। शुक्रवार को केन्द्र सरकार ने ‘मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना’ पर ब्रेक लगा दिया था। इसके बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। बैठक में योजना को शुरू करने के अन्य तरीकों पर विचार हुआ। इसके बाद सीएम अरविंद केजरीवाल ने इस योजना का नाम बदलने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जनता को लाभ मिलना चाहिए। हमें कोई क्रेडिट नहीं चाहिए।

पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस महीने की 25 मार्च से ‘मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना’ शुरू होने जा रही थी। जैसा कि हम सब लोग जानते हैं कि सरकार गरीबों को सस्ता राशन देती है। अभी तक लोगों को दुकानों पर राशन मिलता था। राशन लेने के लिए लोगों की लंबी-लंबी लाइनें लगती हैं। राशन की दुकानें कभी-कभी खुलती हैं। राशन की दुकानों में आने वाले अनाज में मिलावट होती है। दुकानदार कई बार ज्यादा पैसे लेते हैं और उन्हें तरह-तरह की परेशानी होती है।

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