21 नवंबर को रजनीकांत से मिलेंगे अमित शाह! मुलाकात को लेकर सियासी हलचल तेज

नई दिल्‍ली: भारतीय जनता पार्टी समय समय पर विरोधियों को चौंकाती रहती है, एकबार फिर सियासी हलचल तेज हो गयी है जब केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी के चाणक्‍य अमित शाह 21 नवंबर को अपने चेन्‍नई दौरे के दौरान सुपरस्टार रजनीकांत से मुलाकात करेंगे। हालांकि अभी तक बीजेपी की तरफ से कोई बयान जारी नही हुआ है लेकिन कुछ समय पहले मीडिया में यह खबर लीक हुई थी कि रजनीकांत द्वारा राजनीतिक पार्टी के लिए किये जा रहा काम में उनकी खराब स्वास्थ्य स्थितियों के कारण समय लग सकता है।

हालांकि उसपर स्पष्टीकरण जारी करते हुए रजनीकांत ने तब कहा था कि लीक हुए बयान के लिए उन्हें गलत तरीके से जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, लेकिन उन्होंने उनके खराब स्वास्थ्य के बारे में पुष्टि की और कहा कि वह अपने पार्टी के लोगों के साथ अपने अगले कदम पर चर्चा करेंगे और फिर एक घोषणा करेंगे।

राजनीति में रजनीकांत की एंट्री

2017 में रजनीकांत ने राजनीति में प्रवेश की घोषणा की। तमिलनाडु की राजनीति को AIADMK प्रमुख जयललिता और DMK प्रमुख एम करुणानिधि के निधन के बाद एक बड़े चेहरे की तलाश है। हालांकि, उन्होंने पिछले साल लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा था। जबकि कमल हसन ने अपनी पार्टी मक्कल निधि मैय्यम को लॉन्च किया।

रजनीकांत ने पार्टी की घोषणा नहीं की, इसके बजाय उन्होंने दोहराया कि वह तमिलनाडु के लोगों के लिए काम करेंगे। उन्होंने पिछले साल अपनी वेबसाइट ‘rajinimandram.org’ और एक पार्टी लोगो लॉन्च किया था। अपने प्रशंसकों को एक वीडियो संदेश में सुपरस्टार ने लोगों से वेबसाइट के माध्‍यम से जुड़ने और तमिलनाडु को विकसित करने में मदद करने की अपील की थी। ऐसी भी रिपोर्टें हैं जो बताती हैं कि रजनीकांत हासन के साथ बातचीत कर रहे थे।

अमित शाह से मिलेंगे अलागिरी?

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2021 के विधानसभा चुनावों से पहले दिवंगत एम करुणानिधि के बड़े बेटे एमके अलागिरि द्वारा नई पार्टी बनाने के संबंध की अटकलों को अलागिरी ने अफवाहों करार दिया है। उन्‍होंने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। अलगिरी ने कहा है कि वह अपनी पार्टी कैडर से परामर्श करेगा और फिर इस पार्टी के गठन की घोषणा करेगा। उन्होंने 21 नवंबर को उनके और अमित शाह के बीच होने बैठक की अटकलें से भी इनकार किया है।

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव

तमिलनाडु में अप्रैल-मई 2021 के दौरान विधानसभा चुनाव होने हैं। आगामी चुनावों में रणनीतिकार प्रशांत किशोर की मदद से स्टालिन के नेतृत्व वाले डीएमके को राज्य में वापसी की उम्मीद है। इस बीच सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक और भाजपा की राज्य इकाइयों के बीच संबंध ‘वेल यात्रा’ के मुद्दों पर अटक गए हैं।

 

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