टॉपर घोटाला के बाद अब ‘नाश्ता घोटाला’, 266 रुपए में दो समोसा

दो समोसा 266 रुपए में ये सुनकर चौंकना लाजिमी है। लेकिन चौसा में बाल विकास परियोजना के तहत चल रहे प्रशिक्षण शिविर में आंगनबाड़ी सेविकाओं को 266 रुपए का समोसा खाना पड़ा। जब इन्होंने आवाज उठाया तो उनके खिलाफ शोकॉज नोटिस जारी कर दिया गया।

उधर, चौसा की सेविकाओं की प्रखंड अध्यक्ष रीता देवी ने बताया कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान सरकार ने मेनू निर्धारित कर रखा है। जिसके तहत उन्हें चाय-नाश्ता से लेकर दोपहर का भोजन व अन्य सामग्री उपलब्ध करानी है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान कुल मिलाकर सेविकाओं पर 266 रुपये खर्च करने हैं। परन्तु यहां दो समोसे से ही काम चला दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सीडीपीओ से शिकायत के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर मीडिया में इसकी शिकायत की गयी। जिसके बाद सीडीपीओ फोन पर धमकी दे रही है। रीता देवी ने बताया कि सीडीपीओ उन्हें पोषाहार नहीं देने, मानदेय रुकवा देने से लेकर चयन मुक्त कर देने की धमकी दे रही हैं।

दरअसल, आंगनबाड़ी सेविकाओं के लिए जो प्रशिक्षण शिविर चलाया जा रहा था उसमें उनके लिए चाय-नाश्ता, दोपहर का भोजन से लेकर अन्य सामाग्री उपलब्ध कराने को कहा गया था। एक आंगनबाड़ी सेविका पर 266 रुपए खर्च करना था। लेकिन ट्रेनिंग में हिस्सा ले रहे आंगनबाड़ी सेविकाओं को महज दो समोसा और दो मिठाई के सहारे 7 घंटे की ट्रेनिंग करने पड़ रही थी। इतना ही नहीं उनके लिए पीने का पानी भी नहीं रखा गया था।

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चौसा बाल विकास परियोजना पदाधिकारी ने छह सेविकाओं पर कारण बताओं नोटिस जारी किया है। उन्होंने कहा कि यदि आपको यदि कोई समस्या थी, तो लिखित या मौखिक रूप से इसकी शिकायत पदाधिकारी से करनी चाहिए थी। उन्होंने सेविकाओं को इस कार्य के लिए वरीय पदाधिकारी को प्रतिवेदित करने की चेतावनी दी है।

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