बेनामी संपत्ति पर सर्जिकल स्ट्राइक की रणनीति तैयार, चुनाव के बाद होगी कार्रवाई

अतुल कुमार : 8 नवंबर 1017 की रात्रि से 1000 एवं 500 के पुराने नोटों के प्रचलन को समाप्त किये जाने की घोषणा के बाद 22 नवंबर 2016 को प्रधान मंत्रो नरेंद्र मोदी ने बेनामी संपत्तियों पर सर्जिकल स्ट्राइक की घोषणा की थी। गौरतलब है कि बहुत अधिक संख्या में काला धन एकत्र करने वालो ने अपने,अपने परिवारजनों,नौकरों और यहाँ तक कि फर्जी नामो पर ग्रामीण क्षेत्रो,हाईवे के किनारों और बिल्डरों द्वारा बनाये फ्लैट को संपत्ति के रूप में एकत्र कर रखा हैं। इस काम में मुख्यरूप से आईएएस अधिकारी,राजनेता,उद्योगपति,डॉक्टर,ठेकेदार और वकील शामिल है। टैक्स चोरी के उद्देश्य से क्रय की गई इन अकूत संपत्तियों की जाँच हेतु भारत सरकार द्वारा 200 टीमो का गठन किया गया है। संदेह के आधार पर यह टीमें बेनामी संपत्तियों की जाँच करेगी और आवश्यक अभिलेख उपलब्ध न कराये जाने की दशा में सम्बंधित के विरुद्ध कार्यवाही की संस्तुति करेगी।

EPPB में संपत्ति के दर्ज होने के बाद ही संपत्ति का हस्तांतरण हो सकेगा।

25 नवंबर 2016 को देश की समस्त संपत्तियों के लिए E-Property Pass Book(EPPB) व्यवस्था लागू की गई है।इस प्रणाली से देश में स्थित समस्त सम्पतियों को ई फाईलिंग के माध्यम से सम्बंधित रजिस्ट्रार के यहाँ साक्ष्यों सहित प्रस्तुत करते हुए संपत्ति को दर्ज कराना होगा। EPPB में सम्पति दर्ज होने पर ही उसका मालिकाना हक भूस्वामी या भवन स्वामी को होगा।EPPBमें दर्ज न होने वाली संपत्ति 1 अप्रैल 2018 से  सरकार की संपत्ति घोषित हो जाएगी। बेनामी संपत्ति पर सर्जिकल स्ट्राइक की इस रणनीति के अनुसार 1 अप्रैल 12017 से समस्त संपत्तियों को INVALID PROPERTY मन जाएगा और सम्पति EPPB में पंजीकृत न होने की दशा में उसका क्रय और विक्रय नहीं हो सकेगा। पंजीकरण या EPPB की कार्यवाही हेतु भू/भवन स्वामी को स्वंम सम्बंधित रजिस्ट्रार के समक्ष आवश्यक अभिलेखों सहित उपस्थित होना पड़ेगा।इस प्रयोजनार्थ रजिस्ट्रार  कार्यालय में कई काउंटर अलग से भी बनाये जाएगे। आपातकालीन स्थति में संपत्ति के क्रय विक्रय के लिये भी आपातकालीन काउंटर बनाये जाएंगे।

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EPPB में दर्ज संपत्तियों के साथ भू/भवन स्वामी का PAN और आधार कार्ड भी लिंक होगा।

EPPB में संपत्ति का पंजीकृत करने की अंतिम तिथि 31 3 2018 निर्धारित की गई है।31 3 2018 तक EPPB में पंजीकृत न होने वाली संपत्तियां सीधे सरकार के अधीन हो जाएगी और बेनामी संपत्तियों का खुलासा भी हो जाएगा।

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