सुब्रमण्यम स्वामी : 2019 से पूर्व धारा 370 राष्ट्रपति की विज्ञप्ति से रद्द करा देंगे

राज्यसभा सदस्य सुब्रह्मण्यम स्वामी ने शनिवार को नेहरू-गांधी परिवार पर जमकर प्रहार करते हुए कहा कि जवाहर लाल नेहरू ने शेख अब्दुल्ला से संबंध निभाने के लिए जम्मू कश्मीर में धारा 370  जबरन थोप दी थी। भारतीय संविधान के अनुसार यह सिर्फ एक अस्थाई प्रावधान है जिसे किसी भी समय आवश्यकतानुरूप  राष्ट्रपति की विज्ञप्ति के जरिए ही रद्द किया जा सकता है। इसके लिए मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्ताव भेजना होगा।

स्वामी ने सोनिया गांधी द्वारा शपथपत्र में अपनी डिग्री की गलत जानकारी देने का उल्लेख करते हुए कहा कि मुझे तो राहुल गांधी और प्रियंका की भी शैक्षिक योग्यता पर संदेह है। कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम पर हमला बोलते हुए स्वामी ने कहा कि देश में कानून और संविधान सबसे ऊपर है। चिदंबरम भी जेल जाएंगे। कांग्रेस का कोई नेता नहीं बचेगा। एक दिन ऐसा आएगा, जब कांग्रेस की कार्यसमिति की बैठक तिहाड़ जेल में होगी।

2019 से पूर्व यह काम मोदी सरकार को करना चाहिए। 2018 में राम मंदिर बन जाए, फिर यह काम भी करेंगे। स्वामी यहां विश्व संवाद केंद्र ब्रज प्रांत द्वारा देवर्षि नारद जयंती पर सरस्वती शिशु मंदिर, पचकुइयां में हुए समारोह में बोल रहे थे। स्वामी ने कहा कि यह साबित हो चुका है कि भारत में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक रहने वालो का डीएनए एक ही है। जिस दिन मुस्लिम यह मान लेंगे कि उनके पूर्वज हिंदू हैं, उस दिन सब एक हो जाएंगे।

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उन्होंने तीन तलाक पर कहा कि इसे संविधान के अनुसार रद किया जा सकता हैऔर कोई इसे अपनी शरीयत में होने का तर्क नहीं दे सकता। राम मंदिर मुद्दे पर स्वामी ने कहा कि वह अपने मूलभूत अधिकार के लिए लड़ेंगे। जुलाई में सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। मांग करेंगे कि उन्हें अयोध्या में पूजा कर अधिकार दें या फिर फैसला सुनाए।

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