आश्रमशाला के नाबालिग छात्राओं के साथ बलात्कार

महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के खामगांव में स्थित एक आश्रमशाला के स्कूल में कई नाबालिग छात्राओं के साथ बलात्कार का मामला प्रकाश में आने के बाद महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक सतीश माथुर ने मामले की जांच एसआईटी को सौंपी है। इस मामले में मुख्याध्यापक सहित कुल 11 तथाकथित आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बलात्कार की इस घटना से खामगांव में तनाव फैला हुआ है।  आश्रम स्कूल में रहकर पढ़ाई करने वाली 12 आदिवासी नाबालिग लड़कियों को न सिर्फ यौन शोषण का शिकार होना पड़ा है बल्कि इनमें से कुछ लड़कियां छोटी सी उम्र में ही मां बनने की कगार पर आकर खड़ी हो गई हैं। आश्रम की ये काली करतूत उस वक्त उजागर हुई जब दिवाली की छुट्टियों पर अपने घर आई एक लड़की के परिजनों को उसके प्रेग्नेंट होने की जानकारी मिली। इस मामले में पुलिस ने आश्रम से 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें सात टीचर, प्रिंसिपल व अन्य स्टाफ शामिल हैं। उधर, महाराष्ट्र के डीजीपी ने एसआईटी गठित कर मामले की जांच कराने का आदेश सुनाया है।

पीड़ित लड़की ने बताया कि आश्रम स्कूल में रह रही कई लड़कियों के साथ रेप किया गया है। पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने फौरन आश्रम के 7 कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस की निगरानी में सभी लड़कियों को अकोला के एक हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। इस सभी लड़कियों की उम्र 12 से 14 साल के बीच बताई जा रही है। गिरफ्तार किए गए लोगों में संस्था के अध्यक्ष, प्रधानाध्यापक और कुछ कर्मचारी शामिल हैं।

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उल्लेखनीय है कि छात्राओं ने कर्मचारियों व शिक्षकों पर बलात्कार करने का आरोप लगाया है। छात्राओं के अनुसार इस तरह की घृणित घटना दिवाली की छुट्टी के पहले हुई थी और उन्होंने इस घटना की जानकारी अपने अभिभावकों को दिया था। पर स्थानीय पुलिस ने मामले को दर्ज करने का काम गुरुवार से शुरु किया। स्कूल की छात्राओं से बलात्कार का मामला सामने आने के बाद राकांपा प्रदेश प्रवक्ता नवाब मलिक ने इस मामले में आदिवासी विकास मंत्री व महिला बालकल्याण मंत्री से तत्काल इस्तीफा मांगा था।

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