बालाकोट एयर स्ट्राइक: पाकिस्तान में बम बरसाने के 15 मिनट बाद आया फोन, बंदर मारा गया

नई दिल्ली। 14 फरवरी 2019 को पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। इसका बदला लेने के बाद भारत ने आज से ठीक दो साल पहले बालाकोट में एयर स्ट्राइक करके आतंकियों के कैम्प तबाह कर दिए थे। आज हम आपको बालाकोट एयर स्ट्राइक से जुड़ी कई अहम जानकारियां देंगे। साल 2019 में 26 फरवरी के दिन तड़के करीब 3.45 बजे भारतीय सेना के तत्कालीन प्रमुख बीएस धनोवा देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के अल्ट्रा-सिक्योर फिक्स्ड लाइन नेटवर्क (आरएएक्स) नंबर पर कॉल करते हैं। बीएस धनोवा अजीत डोभाल से कहते हैं कि ‘बंदर मारा गया।’ ये एक कोड वर्ड थ, जिसका मतलब था, भारतीय वायुसेना ने बालाकोट एयर स्ट्राइक कर पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के ट्रेनिंग कैंप को ध्वस्त कर दिया था।

तत्कालीन सेना प्रमुख बीएस धनोवा ने इसके बाद तत्कालीन रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और उनके सचिव अनिल धस्माना को भी फोन करके यही संदेश दिया था। इसके बाद एनएसए अजीत डोभाल ने पीएम नरेन्द्र मोदी को फोन करके ये जानकारी दी। बालाकोट एयर स्ट्राइक में शामिल शीर्ष अधिकारियों पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को भ्रमित करने के लिए ‘बंदर’ कोड चुना था। इसका अर्थ जैश-मोहम्मद के हेडक्वार्टर से था। भारतीय वायुसेना ने जानबूझकर एयर स्ट्राइक के लिए 26 फरवरी का दिन इसलिए चुना था, क्योंकि ये पूर्णिमा की रात थी।

पीर पंजाल रेंज से नीचे उड़ते हुए पाकिस्तानी रडार को धोखा देने में भारतीय वायुसेना सफल रही। अधिकारियों के मुताबिक, सभी पांच बमों को पाकिस्तान की पांच जगहों पर सुबह तड़के 3 बजे (पाकिस्तानी समय) पर गिराया गया। हालांकि, छठे बम में तकनीकी दिक्कत के चलते आग नहीं लगी और यह विस्फोट नहीं कर पाया। बालाकोट एयरस्ट्राइक के दौरान भारतीय वायुसेना ने आतंकियों के पूरे कैंप को नेस्तानाबूद कर दिया, मगर सिर्फ एक मस्जिद के ठिकाने को बिना कोई नुकसान पहुंचाए छोड़ दिया गया था, जहां फज्र की नमाज की तैयारी शुरू हो गई थी।

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भारतीय वायु सेना ने बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के आतंकी शिविर पर ‘मिशन बंदर’ को सिर्फ 90 सेकेंड के भीतर अंजाम दिया गया था। इस ऑपरेशन के लिए जिस तरह की सीक्रेसी रखी गई थी उसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसे अंजाम देने वाले पायलट के परिवार के सदस्यों को भी इस बारे में कुछ नहीं मालूम था।

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