बंगाल: टीएमसी सांसद ने राज्यपाल पर लगाया रिश्तेदारों को नौकरी देने का आरोप, गवर्नर ने दिया ये जवाब

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार और राज्यपाल जगदीप धनखड़ के बीच लम्बे समय से तलवारें खिंची ​हुईं हैं। अब टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने राज्यपाल पर राजभवन में अपने तीन रिश्तेदारों को नौकरी देने का आरोप लगाया है। राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया है। राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने सोमवार को ट्वीट करके कहा कि जिन लोगों की नियुक्ति हुई है, उनमें कोई भी उनके परिवार का नहीं है।

राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा कि सांसद ‘महुआ मोइत्रा का ट्वीट कि पर्सनल में स्टाफ में 6 लोगों की जो नियुक्त हुई है, वे मेरे रिश्तेदार हैं। पूरी तरह से गलत है। राजभवन में नियुक्ति ओएसडी तीन अलग राज्यों के हैं और 4 अलग-अलग जातियों से आते हैं। इनमें से कोई भी मेरे परिवार का नहीं हैं। यहां तक कि 4 तो मेरे राज्य और जाति के ही नहीं हैं।’

रविवार को महुआ मोइत्रा ने धनखड़ पर हमला बोलते हुए कहा था कि उन्होंने अपने तीन रिश्तेदारों को ही राजभवन में ओएसडी के तौर पर नियुक्ति दी है। इसके अलावा राजभवन के अधिकारियों के तीन करीबियों को जगह दी गई है। मोइत्रा के आरोपों पर जवाब देते हुए धनखड़ ने कहा कि टीएमसी सांसद ने इस तरह का बयान इसलिए दिया है ताकि राज्य में कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति से ध्यान हटाया जा सके। राज्यपाल ने ट्वीट किया, ‘ममता बनर्जी के शासन में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति से ध्यान हटाने की यह रणनीति है।

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मोइत्रा ने रविवार को कहा था कि यदि राज्यपाल अपने बड़े परिवार के साथ बंगाल से चले जाएं तो स्थिति सुधर जाएगी। टीएमसी मुखिया ममता बनर्जी के साथ राज्यपाल जगदीप धनखड़ के रिश्तों में शुरुआत से ही तनाव रहा है। टीएमसी नेताओं की ओर से कई बार राज्यपाल पर बीजेपी का एजेंट होने और भेदभाव बरतने के आरोप लगाए जाते रहे हैं। वहीं गवर्नर बंगाल में कानून व्यवस्था के मुद्दे और चुनावी हिंसा को लेकर ममता बनर्जी सरकार की कई बार आलोचना कर चुके हैं।

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