केन्द्र सरकार का बड़ा फैसला, अब TET की वैधता सात साल की बजाय होगी आजीवन

नई दिल्ली। केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी की वैधता पर लगी समय सीमा को हटा दिया है। इसके साथ ही टीईटी अब आजीवन मान्य रहेगी। अभी तक टीईटी की वैधता सिर्फ सात साल तक रहती थी। केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय ने आज आदेश जारी करके कहा कि एक बार टीईटी पास करने पर यह जीवन भर के लिए मान्य रहेगी। शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह व्यवस्था 2011 से लागू होगी। अब सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जिनके राज्य उम्मीदवारों का टीईटी सर्टिफिकेट सात साल बाद समाप्त हो रहा है, उन्हें नया नया सर्टिफिकेट जारी करने होंगे।

बता दें कि अभी तक टीईटी करने के बाद यदि कोई अभ्यर्थी सात साल के भीतर शिक्षक नियुक्त नहीं होता है तो उसे दोबारा टीईटी परीक्षा पास करनी होती थी। अब एक बार टीईटी पास करने बाद इसका प्रमाणपत्र आजीवन मान्य रहेगा। आपको बता दें कि हर साल केंद्र सरकार या राज्यों द्वारा आयोजित होने वाली टीईटी परीक्षाओं में लाखों उम्मीदवार बैठते हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी) पांच साल के लिए मान्य होती है। वहीं सीटीईटी की वैधता 7 साल के लिए होती है।

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सीबीएसई हर साल दो बार सीटीईटी परीक्षा आयोजित करता है। पहली परीक्षा जुलाई और दूसरी दिसंबर के महीने में आयोजित की जाती है। सीटेट के पेपर -1 में भाग लेने वाले सफल उम्मीदवार कक्षा 1 से लेकर कक्षा 5 तक के लिए होने वाली शिक्षक भर्ती के लिए योग्य माने जाते हैं। जबकि पेपर -2 में बैठने वाले सफल अभ्यर्थी कक्षा 6 से 8वीं तक के लिए होने वाली शिक्षक भर्ती के लिए योग्य माने जाते हैं।

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