बिहार: एलजेपी में फूट के बाद पहली बार बोले चिराग, कहा- मां के साथ धोखा नहीं किया जाता

पटना। लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक चिराग पासवान के निधन को एक साल भी पूरा नहीं हुआ और उनके कुनबे में दरार पड़ गई। सगे भाई और सांसद पशुपति कुमार पारस ने तख्‍ता पलट करके भतीजे चिराग पासवान को पार्टी के संसदीय दल के नेता और पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटा दिया। इस मसले पर चिराग ने पहली बार चुप्‍पी तोड़ी है। मंगलवार को चिराग ने अपने अधिकारिक ट्वीटर हैंडल पर चाचा के नाम इस साल 29 मार्च को लिखी पांच पन्‍नों की एक भावुक चिट्ठी शेयर की। इसके साथ लिखे संक्षिप्‍त संदेश में वह अपने चाचा पशुपति कुमार पारस पर जमकर बरसे। चिराग ने लिखा-पार्टी मां समान है और मां के साथ धोखा नहीं करना चाहिए।

लोक जनशक्ति पार्टी में लम्‍बे समय से चल रही फूट की सुगबुगाहट रविवार को अचानक हकीकत में तब बदल गई जब चिराग को छोड़कर अन्‍य सभी पांच सांसदों ने उनके चाचा पशपुति कुमार पारस को अपना नेता मान लिया। सोमवार को दिल्‍ली में सुबह से शाम तक चले घटनाक्रम के बाद लोकसभा स्‍पीकर ने लोजपा संसदीय दल के नए नेता के तौर पर पशुपति कुमार पारस को मान्‍यता भी दे दी।

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चिराग पासवान ने अपने चाचा पशुपति के नाम लिखे इमोशनल लेटर के साथ चिराग ने दो लाइन के संदेश में काफी कुछ कह दिया है। उन्‍होंने लिखा- ‘पापा की बनाई इस पार्टी और अपने परिवार को साथ रखने के लिए किए मैंने प्रयास किया लेकिन असफल रहा। पार्टी मां के समान है और मां के साथ धोखा नहीं करना चाहिए। लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है। पार्टी में आस्था रखने वाले लोगों का मैं धन्यवाद देता हूं। एक पुराना पत्र साझा करता हूं।’

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