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बिहार विधानसभा चुनाव: रघुवंश बाबू के धुर विरोधी रामा सिंह की पत्नी को राजद का टिकट

नई दिल्ली। बिहार के दिग्गज नेता और राजद सुप्रीमो लालू यादव के करीबी मित्र रहे रघुवंश प्रसाद सिंह का बीते दिनों निधन हो गया। रघुवंश बाबू के निधन के बाद लालू यादव के बेटे और राजद नेता तेजस्‍वी यादव ने गुपचुप तरीके से उनके धुर विरोधी रहे रामा सिंह को राजद का सिंबल दे दिया। गुरुवार की देर रात रामा सिंह की राजद में एंट्री हो ही गई। उनकी पत्नी वीणा सिंह को महनार से राजद उम्मीदवार बनाया गया है।

बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और राजद के वरिष्‍ठ नेता रधुवंश प्रसाद सिंह ने मरते दम तक राजद में रामा सिंह की एंट्री का विरोध किया था। रघुवंश बाबू के विरोध और इस्‍तीफा प्रकरण के कारण लंबे समय से रामा सिंह की राजद में एंट्री टल रही थी।
दरअसल, राजद ने प्रथम चरण की अपनी सभी सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी थी। पहले चरण की कुल 71 सीटों में से राजद के हिस्से 41 सीटें आई हैं। सोमवार की देर रात तक राजद ने अपने 31 प्रत्याशियों को सिंबल दिए थे। मंगलवार की रात नौ प्रत्याशियों को भी सिंबल दे दिए गए।

इसके बाद पांच अक्‍टूबर, सोमवार को भी वैशाली जिले से बड़ी संख्या में राजद समर्थक आए और रामा सिंह के राजद में प्रवेश का विरोध किया। पूर्व सांसद रामा सिंह के राजद में एंट्री और उनकी पत्‍नी को महनार से टिकट दिए जाने की सूचना पर भी राजद कार्यकर्ताओं ने राबड़ी देवी के आवास के सामने जमकर हंगामा किया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह राजद में रामा सिंह को लाने के पक्ष में नहीं थे। इसलिए उनके निधन के बाद भी उनकी इच्छाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

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राजद ने अपने कुछ विधायकों के टिकट भी काटे हैं। इनमें मखदुमपुर विधायक सूबेदार दास, बड़हरा विधायक सरोज कुमार, ओबरा के वीरेंद्र कुमार शामिल हैं। अतरी विधायक कुंती यादव की जगह उनके पुत्र अजय यादव को टिकट दिया गया है। इसी तरह संदेश विधायक अरुण यादव के बदले उनकी पत्नी किरण देवी को प्रत्याशी बनाया गया है। इसके पहले राजद ने प्रथम चरण की अपनी जीती हुई सीटों में से अरवल, काराकाट, पालीगंज एवं आरा को माले को दे दिया था, जिसके चलते उसके चार विधायक बेटिकट हो गए थे। पालीगंज के विधायक जयवर्द्धन यादव ने पहले ही राजद छोड़कर जदयू की सदस्यता ले ली थी।

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