बिहार विधानसभा चुनाव: नीतीश कुमार ने सीएम बनने के लिए हर बार चुना ये आसान रास्ता

नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव का तीसरा और अंतिम चरण चल रहा है। जेडीयू मुखिया नीतीश कुमार एकबार फिर मुख्यमंत्री बनने की रेस में हैं। अपने राजनीतिक जीवन में लगातार छह लोकसभा चुनाव जीतने वाले नीतीश ने हर बार मुख्यमंत्री बनने के लिए विधान परिषद का रास्ता चुना। जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने 1977 में अपना पहला विधानसभा चुनाव हरनौत निर्वाचन क्षेत्र से जनता दल के उम्मीदवार के रूप में लड़ा और हार गए। साल 1985 में नीतीश ने उसी सीट पर जीत का परचम लहराया।

नीतीश के करीबियों का कहना है कि विधानसभा चुनाव के दौरान जेडीयू मुखिया और मुख्यमंत्री के रूप में अपनी बड़ी जिम्मेदारी को देखते हुए, नीतीश कुमार चुनाव लड़ने से परहेज करते हैं। नीतीश कुमार ने 2005 में बिहार सरकार का नेतृत्व करने से पहले 1989 में (9 वीं लोकसभा) से 2004 (14 वीं लोकसभा) तक लगातार छह लोकसभा चुनाव जीते।

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आपको बता दें कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार अकेले मुख्यमंत्री नहीं हैं जिन्होंने मुख्यमंत्री बनने के लिए बैकडोर यानी कि विधान परिषद का रास्ता चुना। महाराष्ट्र के मौजूदा मुख्यमंत्री और शिवसेना मुखिया उद्धव ठाकरे और उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ भी अपने राज्यों के विधान परिषद के ही सदस्य हैं।

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