बिहार: BAU नियुक्ति घोटाले में शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी पाए गए थे दोषी, जानें पूरा मामला

नई दिल्ली। बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU) में वर्ष 2012-13 के दौरान हुए नियुक्ति घोटाले में तत्कालीन वीसी मेवालाल चौधरी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षा मंत्री बनाया है। इसके बाद से विपक्षी पार्टियां उन पर हमलावर हो गई हैं। बताया जा रहा है कि शिक्षामंत्री मेवालाल चौधरी पर लगे अनियमितता के आरोप सही पाये गये थे। राजभवन के निर्देश पर हाईकोर्ट के रिटायर जस्टिस ने इसकी जांच की थी। जांच में तत्कालीन वीसी मेवालाल चौधरी पर लगे आरोप सही पाये गए थे।

बता दें कि राजभवन के निर्देश पर फरवरी 2017 में पूर्व कुलपति मेवालाल चौधरी के खिलाफ सबौर थाना में केस दर्ज किया गया था। जांच में उन पर लगे आरोप सही पाये गये थे पर अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं की गयी है। एसएसपी का कहना है कि कुछ बिंदुओं पर जांच जारी है, इसलिए चार्जशीट दाखिल नहीं की जा सकी है।

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इस मामले में भागलपुर के डीएसपी मुख्यालय रमेश कुमार केस के विवेचना अधिेकारी बनाये गये थे। लंबे समय तक उन्होंने केस की जांच की। कई से पूछताछ हुई और कई को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया। नियुक्त घोटाले में प्रो. राजभवन वर्मा, अमित कुमार और पूर्व कुलपति के भतीजे रमेश चौधरी को एसआईटी ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। रमेश चौधरी पर सुल्तानगंज थाने के कटहरा गांव के हिमांशु कुमार ने बहाली के दो लाख का चेक देने का आरोप लगाया था। केस के आईओ रमेश कुमार को तारापुर का एसडीपीओ बना दिया गया जिसके बाद केस का आईओ डीएसपी मुख्यालय 2 सुनील कुमार को बनाया गया है।

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