कोरोना के बीच पैर पसार रहा बर्ड फ्लू, हिमाचल प्रदेश में 1800 प्रवासी पक्षियों की मौत

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस का संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच बर्ड फ्लू के बढ़ते मामलों से नया खतरा मंडराने लगा है। राजस्थान में 252 से अधिक कौवों की मौत के बाद अब हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के पौंग बांध अभयारण्य में बीते एक हफ्ते में 1800 प्रवासी पक्षियों की मौत से हड़कंप मच गया है। इनमें 500 से अधिक पक्षी तो सोमवार को ही मृत मिले। इसके साथ ही मध्यप्रदेश और केरल में भी रहस्यमय परिस्थितियों में लगातार पक्षियों की जान जा रही है।

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा अभयारण्य में हुई पक्षियों की मौत के मामले में सैंपल रिपोर्ट की जांच में पक्षियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो गई है। कांगड़ा जिला प्रशासन ने देहरा, ज्वाली, इंदौरा और फतेहपुर उपमंडल में चिकन, अंडे, मछली समेत पोल्ट्री उत्पादों को बेचने पर रोक लगा दी है। साथ ही पौंग बांध और उससे सटे क्षेत्रों में पशुओें को छोड़ने और खेतीबाड़ी जैसी गतिविधियों पर भी रोक लगा दी गई है। वहीं, केरल के कोट्टायम और अलप्पुझा में मामले सामने आने के बाद इन क्षेत्रों के एक किमी के दायरे में बतखों, मुर्गियों और अन्य पालतू पक्षियों को मारने का आदेश जारी कर दिया है।

केरल के पशुपालन और डेयरी विकास मंत्री के राजू ने बताया कि दो जिलों में बतखों में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। इसके तहत वायरस को फैलने से रोकेने के लिए 50 हजार बतखों को मारा जाएगा। किसानों की भरपाई सरकार करेगी। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 12 हजार बतख मर चुके हैं,जबकि 36 हजार को मारा जाना बाकी है। लोगों को सावधानी बरतने को कहा गया है।

Gyan Dairy

मध्यप्रदेश के इंदौर में मृत पाए गए कौवों में बर्ड फ्लू वायरस की पुष्टि हुई है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के डॉ अमित मालाकार ने बताया कि अब तक 150 कौवों की मौत हुई है। जांच में कौवों में संक्रमण की पुष्टि के बाद पोल्ट्री फॉर्मों की भी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि कौवों में एच5एन8 वायरस की पुष्टि हुई।

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