जानिए उमर अब्दुल्ला ने महबूबा मुफ्ती को क्यों चेताया

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को लेकर उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब इसे नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख उमर अब्दुल्ला ने हवा दी है. उमर अब्दुल्ला ने महबूबा मुफ्ती नीत जम्मू-कश्मीर सरकार को आगाह किया कि भाजपा अनुच्छेद 370 रद्द करने के लिए न्यायपालिका का इस्तेमाल कर सकती है क्योंकि वह समझ चुकी है कि वे उसे रद्द करने के लिए विधायिका का रास्ता नहीं अपना सकते. उमर ने राज्य विधानसभा में कहा, भाजपा ने शायद अपनी ओर से यह मान लिया है कि वे अनुच्छेद 370 समाप्त करने के लिए विधायिका का इस्तेमाल नहीं कर सकते जो राज्य को विशेष शक्तियां प्रदान करता है. जब वे (अनुच्छेद 370 रद्द करने के लिए) विधायिका के रास्ते ऐसा नहीं कर सकते, तो वे न्यायपालिका का इस्तेमाल कर सकते हैं.

उमर अब्दुल्ला ने कहा, जो यह मानते हैं कि भाजपा ने अनुच्छेद 370 पर अच्छा काम किया है और यह कि पार्टी ने मान लिया है कि अनुच्छेद से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती. वे गलत हैं. विधानसभा में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती भी थीं जिन्होंने अपने मंत्रालयों गृह, योजना, पर्यटन आदि के लिए अनुदान पेश किए

उमर ने महबूबा पर निशाना साधते हुए कहा था कि आपने राज्य में आतंकवाद के लिए जवाहर लाल नेहरू, मेरे पिता, मेरे दादा और पुलिस को जिम्मेदार ठहराया. क्या कश्मीर में सामान्य स्थिति बहाल करने में अपनी नाकामी के लिए आपने कभी खुद को जिम्मेदार ठहराया.

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हाल ही में उमर अब्दुल्ला ने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से घाटी में छह महीने तक जारी रही हिंसा के दौरान हुई नागरिकों की मौत की जिम्मेदारी लेने को कहा था. उन्होंने कहा कि घाटी में 2008 से 2010 के बीच भी हिंसा जारी रही थी, लेकिन ‘तब हमने इसके लिए विपक्ष को दोषी नहीं ठहराया था.

उमर ने कहा था कि राज्य सरकार पिछले साल 8 जुलाई को आतंकवादी कमांडर बुरहान वानी के सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से स्थिति को संभालने में पूरी तरह नाकाम रही है.

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