कल से संसद में शुरू होगा बजट सत्र,  कांग्रेस समेत 16 पार्टियों ने किया राष्ट्रपति के अभिभाषण का बायकॉट

नई दिल्ली :  कोरोना वैक्सीन आने के बाद कल से संसद का बजट सत्र शुरू होने जा रहा है वहीं कांग्रेस समेत 16 पार्टियों ने संसद में हाेने वाले राष्ट्रपति के अभिभाषण का बयाकाॅट करने का ऐलान किया है। यह सत्र दो हिस्सों में 8 अप्रैल तक चलेगा। बजट सत्र पहला चरण 29 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी तक चलेगा जबकि दूसरा चरण 8 मार्च से 8 अप्रैल तक चलेगा। सत्र की शुरुआत कल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण से होगी। राष्ट्रपति कोविंद संसद के दोनों सदन लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करने से होगी। जबकि आम बजट 1 फरवरी को सुबह 11 बजे पेश किया जाएगा।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला निचले सदन के विभिन्न दलों के नेताओं के साथ बजट सत्र की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने को लेकर कल बैठक करेंगे । लोकसभा सचिवालय के एक बयान मुताबिक ‘लोकसभा में दलों के नेताओं के साथ स्पीकर की बैठक शुक्रवार 29 जनवरी को होगी।’ इसमें कहा गया है कि यह बैठक सत्र के पहले दिन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद होगी। बैठक संसद भवन के संसदीय सौंध भवन में होगी। वहीं केंद्र सरकार ने एक फरवरी को बजट पेश होने से पहले सभी दलों से विचार-विमर्श के लिए 30 जनवरी यानी शनिवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होने वाली इस सर्वदलीय बैठक में सभी राजनीतिक दलों के दोनों सदनों के नेताओं को आमंत्रित किया है। सूत्रों का कहना है कि इसी दिन एनडीए की भी बैठक होगी।

आपको बता दें कि कोरोना से जुड़ी सभी सतर्कता के बीच बजट सत्र दो टुकड़ों में आयोजित होगा। संसद के बजट सत्र का पहला चरण 29 जनवरी से 15 फरवरी तक चलेगा तो दूसरा भाग आठ मार्च से आठ अप्रैल तक आयोजित होगा। 29 जनवरी से प्रारंभ होने जा रहे बजट सत्र में फिर से एक घंटे का प्रश्न काल बहाल कर दिया गया है। जबकि कोरोना काल में सितंबर में हुए मानसून सत्र के दौरान प्रश्नकाल को स्थगित कर दिया गया था। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया था कि बजट सत्र के दौरान संसद आने वाले सांसदों का कोरोना टेस्ट अनिवार्य होगा।

इसी बीच कांग्रेस समेत 16 राजनीतिक दलों ने राष्ट्रपति के अभिभाषण का बायकॉट करने का फैसला किया है। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आरजेडी, सीपीआई, सीपीएम, शिवसेना, अकाली दल, राष्ट्रवादी कांग्रेस, आईयूएमएल, केरल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी समेत कुल 16 पार्टियों ने राष्ट्रपति के अभिभाषण का बायकॉट करने का फैसला किया। इस लिस्ट में बीएसपी का नाम शामिल नहीं है।

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कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने बताया कि 16 राजनीतिक दलों ने राष्ट्रपति के अभिभाषण के बायकॉट का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर 16 राजनीतिक दल राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार कर रहे हैं, जो कल दिया जाएगा। इसका मुख्य कारण तीनों कृषि कानूनों को विपक्ष के साथ बिना बहस के पारित करना है।

इसे लेकर एक ज्वाइंट स्टेटमेंट भी जारी किया गया। इसमें कहा गया है कि भारत के किसान तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं, जिन्होंने कृषि के लिए एक खतरा पैदा कर दिया है, जबकि कृषि पर भारत की 60 फीसदी जनसंख्या निर्भर है। सर्दी, बारिश और कोहरे के बीच 64 दिनों से दिल्ली के बॉर्डर पर किसान बैठे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। 155 किसानों ने अपनी जान गंवाई है। वहीं केंद्र सरकार इसका जवाब आंसू गैस के गोले, वाटरकैनन और लाठीचार्ज से दे रही है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।

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