बदले महबूबा मुफ्ती के सुर, भटके युवाओं से बोलीं- मारे जाओगे, कुछ हाथ नहीं आएगा

श्रीनगर। घाटी से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद अक्सर खून खराबे की बात करने वालीं जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के सुर अब बदल गए हैं। महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के रास्ते पर आगे बढ़ गए युवाओं को मुख्यधारा में लौटने की नसीहत देते हुए कहा कि गोली की भाषा कोई नहीं समझता, वापस लौट आओ नहीं मारे जाओगे। इसके साथ ही महबूबा मुफ्ती ने केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार से जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को बहाल करने की मांग की है।

महबूबा मुफ्ती ने श्रीनगर में कहा कि कोई हथियार की भाषा नहीं समझेगा। आप अपना नजरिया शांतिपूर्वक रखेंगे तो दुनिया आपको सुनेगी। यदि आप बंदूक की भाषा बोलेंगे तो मारे जाओगे, कुछ हासिल नहीं होगा। मैं जम्मू-कश्मीर के युवाओं से अपील करती हूं कि हथियार छोड़ दें और बातचीत करें। केन्द्र सरकार को एक दिन सुनना पड़ेगा।

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इसके साथ ही पीडीपी चीफ ने केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की बहाली और पूर्ण राज्य का दर्जा वापस करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हम अपने देश से वह वापस करने की मांग करते हैं जो हमसे छीन लिया गया है। यदि आप जम्मू-कश्मीर के लोगों को चाहते हैं तो आपको हमारा सम्मान बहाल करना होगा। कोई दूसरा रास्ता नहीं है। यह मैं अपने देश से कहता हूं। जब मैं यह कहती हूं तो बीजेपी क्यों गुस्सा हो जाती है? क्या मैं पाकिस्तान से मांगूंगी? महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर में हथियार उठाने वालों से भी बातचीत की अपील करते हुए कहा, ”यदि पीएम असम में उग्रवादियों से हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील करते हैं, यदि बोडो से बातचीत होती है तो जम्मू-कश्मीर में ऐसा करने में क्या दिक्कत है।

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