मुंबई में हुए ब्लैकआउट के पीछे चीन ने रची थी साजिश! हुआ हैरान कर देने वाला खुलासा

मुंबई: सीमा पर भारत और चीन के बीच चल रहे तनाव के दौरान एक और बड़ी बात सामने आयी है। मुंबई में 13 अक्‍टूबर को बिजली के कारण प्रदेश में ब्लैकआउट हो गया था, जिसके पीछे चीन का हाथ होने की बात सामने आ रही है। मैसाचुसेट्स की साइबर कंपनी रिकॉर्डेड फ्यूचर ने इसको लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। कंपनी ने कहा है कि भारतीय बिजली आपूर्ति नेटवर्क में चीनी मालवेयर की घुसपैठ कराकर इसे अंजाम दिया गया।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक रिपोर्ट में कहा है कि चीन द्वारा भारत के बिजली वितरण प्रणाली में एक कोड डाल दिया गया है, जिसके दम पर वो देश के किसी शहर में बिजली की सप्लाय को रोककर पूरे इलाके को अंधेरे में डुबो सकता है। युद्ध के इस नए तरीके में चीन ने भारत को निशाने पर ले रखा है और उसकी बानगी थी 13 अक्‍टूबर 2020 को मुंबई में बिजली का गुल होना।

रिकॉर्डेड फ्यूचर के सीओओ स्टुअर्ट सोलोमन के अनुसार, चीन के एक सरकारी समूह RedEcho ने साइबरब्रेन्युरेशन तकनीक का इस्तेमाल करते हुए भारत के करीब दर्जन भर बिजली जेनरेशन और आपूर्ति नेटवर्क में घुसपैठ कर ली है।

रिपोर्ट के अनुसार, 2020 की शुरुआत से रिकॉर्डेड फ्यूचर इनसाइट ग्रुप ने चीनी राज्य प्रायोजित समूहों से भारतीय संगठनों के खिलाफ संदिग्ध लक्षित घुसपैठ गतिविधि में बड़ी वृद्धि देखी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बिजली आपूर्ति और मांग में संतुलन के जरिए पावर ग्रिड के संचालन के लिए जिम्मेदार पांच केंद्रों को भारत के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के खिलाफ एक अभियान चलाया गया। पहचाने गए अन्य टारगेट दो भारतीय बंदरगाह हैं।

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रिकॉर्डेड फ्यूचर ने कहा, “इस अभियान में भारतीय संगठनों का एक स्पष्ट और सुसंगत पैटर्न था, जोकि नेटवर्क ट्रैफ़िक से लेकर प्रतिकूल अवसंरचना तक की व्यवहारिक रूपरेखा के माध्यम से लक्षित था।”

बिजली उत्पादन और वितरण क्षेत्र में 12 भारतीय संगठनों से जुड़े कुल 21 आईपी पते लक्षित किए गए थे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले मुंबई में पद्घा स्थित स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर में मैलवेयर से पावर आउटेज को जोड़ा था। इस समय, आउटेज और अनिर्दिष्ट मैलवेयर वैरिएंट के बीच कथित लिंक असंतुलित बना हुआ है। हालांकि, यह खुलासा भारतीय लोड डिस्पैच केंद्रों के समन्वित लक्ष्यीकरण का सुझाव देते हुए अतिरिक्त सबूत प्रदान करता है।”

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