कांग्रेस इस डर से कल्याण सिंह और उमा भारती के इस्तीफे पर नहीं दे रही जोर

बाबरी विध्वंस मामले में बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती के खिलाफ आपराधिक मामला चलाये जाने के फैसले पर प्रतिक्रिया देने से कांग्रेस पार्टी फिलहाल बच रही है। जानकारों की माने तो कांग्रेस इस मामले में सतर्क रहना चाहती है क्योंकि यह एक धर्म से जुड़ा हुआ मुद्दा है।

इस बार जिन दो लोगों पर आपराधिक मामला चलना है उनमे केंद्रीय मंत्री उमा भारती और राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह भी हैं लेकिन कांग्रेस ने अभी इनके इस्तीफे पर ज्यादा जोर नहीं दिया। इससे पहले विश्व हिन्दू परिषद नेता चम्पत राय ने ऐसे संकेत दिए थे।

कांग्रेस को लगता है कि यह बहुसंख्यक तबके की आस्था से जुड़ा हुआ मुद्दा है, जिसे मद्देनजर बीजेपी को इसका जोरदार लाभ हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक इस मामले का ट्रायल दो साल के भीतर पूरा होगा और उसी साल देश में आम चुनाव भी होने हैं। हालाँकि राममंदिर के मुद्दे पर इससे पहले कांग्रेस लगातार बीजेपी को घेरती रही है।

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उन्होंने कहा था कि यह तो अच्छा है क्योंकि 2019 में बाबरी पर फैसला भी आएगा और उसी दौरान लोकसभा चुनाव भी होने हैं ऐसे में देश का मौहल ही कुछ अलग होगा। बीजेपी नेता उमा भारती ने भी ऐसे ही संकेत दिए उन्होंने कहा 1990 के दशक में 2 सीटों से लेकर आज देश में बीजेपी की सरकार बनने के पीछे रामजन्मभूमि आंदोलन ही है।

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