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कोरोना का कहर: RBI ने रेपो रेट में की कमी, सभी तरह के लोन होंगे सस्ते

कोरोना का कहर: RBI ने रेपो रेट में की कमी, सभी तरह के लोन होंगे सस्ते
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नई दिल्ली। कोरोना वायरस के कहर से पूरा देश एक साथ लड़ रहा है। इस दौरान लोगों को कोई असुविधा न हो, इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण ऐलान किए। उन्होंने जनता के लिए सभी तरह के लोन सस्ते किए गए। रेपो रेट में कटौती से आपकी ईएमआई घटेगी।

रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 0.75 फीसद की भारी कटौती का ऐलान किया है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए मौद्रिक नीति समीक्षा (एमपीसी) की बैठक 25 से 27 मार्च को हुई जिसमें रेपो रेट 0.75 फीसद घटाने का निर्णय किया गया। अब रेपा रेट 4.40 फीसद हो गया है।

इससे पहले रेपो रेट 5.15 फीसद पर था। इसके अलावा रिवर्स रेपो रेट में 0.90 फीसद की कटौती की गई है। इसके साथ ही रिवर्स रेपो रेट घटकर चार फीसद पर आ गया। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि रिवर्स रेपो रेट में इसलिए कटौती की गई है ताकि बैंक केंद्रीय बैंक के पास पैसे जमा करने की बजाय लोन देने में लचीला रुख दिखाए।

कोरोना वायरस के संक्रमण से दुनियाभर में अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। हालांकि कच्चे तेल की कीमतें घटने से कुछ राहत मिलेगी। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोविड-19 के चलते अर्थव्यवस्था को होने वाले खतरे को देखते हुए एमपीसी ने समय से पहले ही समीक्षा बैठक की। गवर्नर शशिकांत दास ने कहा है कि उनका ध्यान आर्थिक स्थिरता पर है। विश्व के अधिकांश देश कोरोना वायरस की महामारी से लड़ रहे हैं। देश में लॉकडाउन के चलते आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह से ठप हैं। इसलिए आरबीआई का ध्यान लोगों को राहत देने में हैं।

आरबीआई ने सभी बैंकों का कैश रिजर्व रेश्यो भी एक फीसदी यानी 100 आधार अंक घटाकर तीन फीसदी कर दिया है। यह पूरे एक साल के लिए चार फीसदी की बजाए तीन फीसदी होगा। इसके तहत बैंक अपनी जमा का कुछ फीसदी आरबीआई के पास रखते हैं। इसमें कटौती होने से 1.37 लाख करोड़ रुपये की रकम बैंकों को मिल पाएगी। इसके अतिरिक्त लिक्विडिटी एड्जेस्टमेंट फैसिलिटी (एलएएफ) में भी 0.9 फीसदी की कटौती की घोषणा की गई है। अब एलएएफ घटकर चार फीसदी हो गया है।

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