दिल्ली एम्स में कोरोना की दस्तक, नर्स हुई संक्रमित, 40 सहकर्मी क्वारंटाइन

नई दिल्ली। देश के प्रतिष्ठित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में जानलेवा कोरोना वायरस की दस्तक हो गई है। एम्स के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग के 40 स्वास्थ्यकर्मी को सेल्फ क्वारंटाइन किया गया है। इसकी जानकारी एम्स प्रशासन ने शुक्रवार को दी। एम्स ने बताया कि गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग में एक नर्स को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। नर्स के संपर्क में आने वाले डॉक्टर, नर्स और स्टाफ को क्वारंटाइन किया गया गया है।

जानकारी के अनुसार, 35 वर्षीय एक नर्स का कोरोना जांच किया गया था जिसमें उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। एम्स के अधिकारियों ने बताया कि सभी 40 लोगों को एहतियाती के तौर पर क्वारंटाइन किया गया है। इन सभी का पांच दिनों के बाद कोरोना टेस्ट किया गया जाएगा।

वहीं लोकनायक अस्पताल में कार्यरत एक डायटिशियन कोरोना की चपेट में आ गई है। इस वजह से अस्पताल के एक मेस को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया है। साथ ही उसमें कार्यरत सभी कर्मचारियों को क्वारंटाइन किया है। इससे मरीजों को खाना परोसने में भी परेशानी आ रही थी। हालांकि, अस्पताल का कहना है कि खाने की समस्या दूर हो गई है। दूसरी कैंटीन से मरीजों को खाना उपलब्ध कराया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, अब तक छह कर्मचारी कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं।

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कोरोना के इलाज के लिए दिल्ली सरकार ने लोकनायक अस्पताल को सबसे बड़े कोविड अस्पताल के रूप में तैयार किया है। इसमें अब कोरोना के गंभीर मरीजों का ही इलाज होगा। इसके लिए अस्पताल में 61 नए वेंटिलेटर लगाए जा रहे हैं, जिससे यह संख्या 125 पहुंच जाएगी। यह जानकारी अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ जेसी पासे ने दी है।

उन्होंने बताया कि बगैर लक्षण व हल्के संक्रमण वाले मरीजों को कोविड केयर सेंटर में स्थानांतरित कर दिया गया है। वहीं मॉडरेट लक्षण वालों का इलाज कोविड हेल्थ सेंटरों में होगा। जिन मरीजों को संक्रमण ज्यादा होगा और सांस की परेशानी अधिक होगी। उनका इलाज कोविड अस्पताल में होगा। गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका को देखते हुए ही नए वेंटिलेटर लगाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कोविड केयर व हेल्थ सेंटरों को गंभीर मरीज लोकनायक रेफर करने का आदेश भी दे दिया है।

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