अगले की शुरुआत में आ सकती है कोरोना की देसी वैक्सीन, जानें खास बातें

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच लोगों को कोरोना वैक्सीन का बेसब्री से इंतजार है। भारत में तीन वैक्सीन कामयाबी से महज चंद कदम दूर हैं। तीनों वैक्सीन कैंडिडेट्स अंतिम चरणों के ट्रायल में हैं। भारत की देसी कोरोना वैक्सीन ‘Covaxin’ को भारत बायोटेक कंपनी ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (NIV) के साथ मिलकर बनाया है। शुरुआती चरणों के ट्रायल में इस वैक्सीन ने अच्छा असर दिखाया है।

भारत बायोटेक की देसी कोरोना वैक्सीन फरवरी में आ सकती है। वैक्सीन फरवरी में आती है तो इसकी लॉन्चिंग अनुमानित समय से काफी पहले होगी, क्योंकि अबतक कहा जा रहा था कि यह वैक्सीन अगले साल की दूसरी तिमाही यानी 2010 के अप्रैल से जून के बीच आएगी।
इससे पहले भारत बायोटेक के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी निदेशक साई प्रसाद ने कहा था कि आखिरी चरण के ट्रायल्स में वैक्सीन की प्रभावकारिता और सुरक्षित होने का मजबूत डेटा स्थापित करने के बाद अगर हमें अप्रूवल मिल जाता है तो हमारा लक्ष्य साल 2021 की दूसरी तिमाही तक वैक्सीन लॉन्च करने का है।

भारत बायोटेक के अधिकारी ने कहा था कि कंपनी का फोकस फिलहाल देशभर में वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल को सफलतापूर्वक पूरा करने पर है। बता दें कि भारत बायोटेक ने Covaxin को राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (NIV) में विकसित SARS-Cov-2 के इनएक्टिवेटेड स्ट्रेन से तैयार किया गया है। ट्रायल पूरा होने पर नियामक की मंजूरी ली जाएगी और मंजूरी के साथ ही वैक्सीन लॉन्च करने की योजना है।

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देश में Covaxin के अलावा दो और कोरोना वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है। इनमें ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की ‘Covishield’ और जायडस कैडिला की ZyCoV-D वैक्सीन भी शामिल हैं। कोविशील्ड वैक्सीन का उत्पादन सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया कर रही है। इन तीनों वैक्सीन के अलावा रूस की पहली वैक्सीन Sputnik V के भी अंतिम चरणों के ट्रायल में है।

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