UA-128663252-1

सेना को मिली नई आसमानी ताकत, DRDO ने स्वदेशी ड्रोन ‘अभ्यास’ का किया सफल परीक्षण

भारतीय सेना को एक नई ताकत मिली है। ओडिशा के बालासोर में भारत ने अभ्यास (ABHYAS) लड़ाकू ड्रोन का सफल परीक्षण किया। डीआरडीओ की ओर से अभ्यास का फ्लाइट टेस्ट मंगलवार को किया गया। इस दौरान इसे विभिन्न प्रकार के रडार और इलेक्ट्रो ऑप्टिक सिस्टम से ट्रैक किया गया। सूत्रों ने बताया कि ड्रोन ने पूरी तरह से ऑटोनॉमस वेपॉइंट नेविगेशन मोड में अपनी पर्फॉर्मेंस को सफलतापूर्वक साबित किया है।  
 
अभ्यास का परीक्षण डीआरडीओ (रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन) की ओर से चांदीपुर के पास इंटीग्रेटेड टेस्ट रीजन (आईटीआर) से किया गया। ट्रायल के दौरान दो प्रदर्शनकारी वाहनों का भी सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। डीआरडीओ के सूत्रों ने बताया कि इन वाहनों का इस्तेमाल विभिन्न मिसाइल सिस्टम्स के मूल्यांकन में लक्ष्य के तौर पर किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि अभ्यास को डीआरडीओ के एयरोनॉटिकल डिवेलपमेंट इस्टैब्लिशमेंट (एडीई) द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है।

क्या है ‘अभ्यास’?

‘अभ्यास’ एक हाई-स्पीड एक्सपेंडेबल एरियल टार्गेट (HEAT) है, जिसे एडीई में विकसित किया गया है। डीआरडीओ के मुताबिक, यह हथियार प्रणालियों को परीक्षण के लिए एक रियलिस्टिक खतरा सीनेरियो देता है, जिसकी मदद से विभिन्न मिसाइलों या हवा में मार करने वाले हथियारों का परीक्षण किया जा सकता है। अभ्यास लड़ाकू ड्रोन को ऑटोपायलट की मदद से स्वायत्त उड़ान के लिए तैयार किया गया है।

मंगलवार को इसे जुड़वा अंडरस्लंग बूस्टर्स का उपयोग करते हुए लॉन्च किया गया। यह एक छोटे गैस टरबाइन इंजन द्वारा संचालित किया गया था। गाइडेंस और कंट्रोल के लिए इसमें फ्लाइट कंट्रोल कंप्यूटर (एफसीसी) के साथ-साथ इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम (आईएनएस) भी लगाया गया है। वेहिकल को पूरी तरह से स्वायत्त उड़ान के लिए प्रोग्राम किया गया है। इस एयर वेहिकल की जांच लैपटॉप पर आधारित ग्राउंड कंट्रोल सिस्टम (जीसीएस) का इस्तेमाल करते हुए की गई है।

रक्षामंत्री ने दी बधाई

Gyan Dairy

बताया गया कि परीक्षण के दौरान ‘अभ्यास’ को 5 किमी की ऊंचाई, 0.5 माक की स्पीड, 30 मिनट की स्थिरता और 2जी टर्न कैपेबिलिटी की दरकार थी, जिसे उसने सफलतापूर्वक हासिल किया। वाहन के इस सफल परीक्षण पर रक्षामंत्री ने डीआरडीओ को बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि अभ्यास के सफल फ्लाइट टेस्ट के साथ डीआरडीओ ने आज एक माइलस्टोन हासिल किया है। इसे अनेक मिसाइलों के मूल्यांकन में लक्ष्य के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकेगा।उन्होंने डीआरडीओ और इसे बनाने वाले सभी साझेदारों को बधाई दी है।  

Share