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कहीं आप भी तो नहीं खा रहे हैं प्लास्टिक के चावल, इन पांच तरीकों से करें जांच

आज के समय में क्या असली है और क्या नकली यह जान पाना बेहद मुश्किल है। कई खाने की चीजें ऐसी भी आ रही है जो पूर्ण रुप से खाने लायक है ही नहीं। इसमें चावल भी शुमार हो चुका है भारत में चावल की खपत के चलते कई व्यापारी नकली चावल बनाने का तरीका ले आए हैं जिसके द्वारा नकली चावल बाजार में धडल्ले से बेचा जा रहा है।

आपको बता दें कि आलू के स्टार्च और प्लास्टिक को मिक्स करके मशीनों की सहायता से नकली चावल बनाया जाता है। यह काम ज्यादातर चीन की बड़ी बड़ी फैक्ट्रियों में होता है यह कैसे होता है यह आप इस वीडियो में देख सकते हैं।

नकली चावल देखने में और खाने में बिल्कुल असली चावल जैसा ही लगता है लेकिन यह आपके शरीर में कई बीमारियां पैदा कर सकता है। आपको बता दें कि चावल के उत्पादन में चीन का स्थान सबसे प्रथम है यहां पर 200 मिलियन टन चावल हर साल उगाया जाता है। लेकिन कृत्रिम ढंग से भी चावल को भारत में बनाया जा रहा है जो कि सेहत के लिए काफी खतरनाक है।

तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि चावल को किस प्रकार जांचना चाहिए जिससे यह पता चल जाये कि वह असली है या नकली।

आप यह बात जानकर शायद हैरान हो जाएंगे कि चावल को पानी से भी जांच जा सकता है। चावल को पानी से भरे बर्तन में डाल दें कच्चे चावल पानी मैं नीचे बैठ जाएंगे लेकिन अगर चावल ऊपर तैरना शुरू कर देते हैं तो आप यह मान लीजिए कि यह नकली है।

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चावलों को कूटकर देखने पर भी यह पता चल जाता है कि यह असली है या नकली। पहले चावल को अच्छी तरह से कूट लें और पाउडर बनने के बाद अगर यह रंग बदलता है तो यह मान लीजिए कि इसमें कुछ मिलावट है।

चावल के कुछ टुकड़े ले और उन्हें आग के सामने लेकर आएं और जलने का इंतजार करें अगर संपर्क में आते ही इनमें से प्लास्टिक की महक आने लगे तो आप यह मान लीजिए कि यह नकली चावल है क्योंकि चावलों में से प्लास्टिक जैसी बदबू नहीं आती।

पके हुए चावलों को एक बीकर में डालकर बंद कर दें और किसी गर्म जगह पर रखें यदि चावल किसी एक आकार में मोल्ड हो जाते हैं तो यह मान लीजिए कि यह नकली चावल है। शुद्ध चावल हमेशा स्वस्थ रहेंगे और किसी भी आकार में मोल्ड नहीं होंगे।

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