विदेश मंत्रालय ने कहा-शांति से सुलझेगा भारत-चीन सीमा विवाद का मुद्दा

नई दिल्ली। भारत—चीन सीमा विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही है। शनिवार को दोनों पक्षों के कॉर्प्स कमांडर स्तर की वार्ता हुई। रविवार को विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्ष स्थिति को सुलझाने के लिए और सीमा क्षेत्रों में शाति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सैन्य और कूटनीतिक जुड़ाव जारी रखेंगे। यह वार्ता चुशुल-मोल्डो क्षेत्र में हुई थी।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि ‘दोनों पक्ष विभिन्न द्विपक्षीय समझौतों के अनुसार सीमावर्ती क्षेत्रों में शांतिपूर्वक हल करने के लिए सहमत हुए और नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को ध्यान में रखते हुए भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता समग्र विकास के लिए आवश्यक है।’ विदेश मंत्रालय का कहना है कि, ‘दोनों पक्षों ने यह भी कहा कि इस वर्ष दोनों देशों (भारत और चीन) के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ है और सहमति व्यक्त की कि मिलकर एक प्रारंभिक संकल्प रिश्ते के आगे विकास में योगदान दिया जाएगा।’
शनिवार को हुई वार्ता साढ़े पांच घंटे चली। बैठक में भारत ने स्पष्ट कर दिया कि सीमा पर अप्रैल, 2020 से पहले वाली स्थिति बहाल होनी चाहिए। साथ ही भारत की ओर से कहा गया है कि हम अपनी सीमा के भीतर कोई भी निर्माण कार्य कर सकते हैं। बैठक में हुई बातचीत की सारी जानकारी पीएमओ को दे दी गई है। बातचीत के बारे में कोई खास विवरण दिए बिना भारतीय सेना के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘भारत और चीन के अधिकारी भारत-चीन सीमावर्ती इलाकों में बने वर्तमान हालात के मद्देनजर स्थापित सैन्य एवं राजनयिक माध्यमों के जरिए एक-दूसरे के लगातार संपर्क में बने हुए हैं।’

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