आम्रपाली में फ्लैट खरीदारों के लिए आई खुशखबरी, अब अधूरे प्रोजेक्ट होंगे पूरे

नई दिल्ली। आम्रपाली में फ्लैट खरीदारों को बड़ी रहात मिली है। सुप्रीम कोर्ट में आज इसकी सुनवाई हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने होम बॉयर्स को बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वह बॉयर्स के होम लोन के बैलेंस को रिलीज करे ताकि आम्रपाली के रुके हुए प्रोजेक्ट का काम हो सके। बैंकों ने बॉयर्स के होम लोन को एनपीए में डाल रखा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिन होम लोन को एनपीए में भी डाला गया है उसे फिर से री स्ट्रक्चर्ड करे और लोन की किश्त आरबीआई के गाइडलाइंस के तहत जारी करे।

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि बैंक और वित्तीय संस्थान, जिन्होंने होम लोन को एनपीए के रूप में घोषित किया है, उन्हें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशानिर्देशों के अनुसार घर खरीदारों को राशि जारी करनी होगी। साथ ही कोर्ट ने एफएआर यानी फ्लोर एरिया रेशियो को लेकर भी निर्देश जारी किए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अभी तक इस्तेमाल नहीं हुआ एफएआर 2.75 पर होगा न कि 3.5 पर।

अगर एफएआर में कोई बढ़ोतरी होती है, तो यह नोएडा व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों द्वारा तय किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नोएडा व ग्रेटर नोएडा के घर खरीदारों की स्थिति जस की तस है। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रोजेक्ट के अधूरे पड़े काम में कोई प्रगति नहीं हुई है। इस संदर्भ में कोर्ट ने अथॉरिटी से पूछा है कि वो बैंकों और वित्तीय सहायता देने को राजी अन्य संस्थानों को ये बता दें कि उनको काम पूरा करने को एक बार मे कितनी धनराशि की जरूरत है।

Gyan Dairy

जस्टिस अरुण मिश्रा की अगुआई वाली बेंच ने ये निर्देश जारी किए। अब सुप्रीम कोर्ट अगले हफ्ते इस मामले की सुनवाई करेगा। बिल्डरों और रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ी राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नोएडा प्राधिकरण बिल्डर से भुगतान में ब्याज के लिए ज्यादा ब्याज नहीं ले सकता। ये ब्याज दर आठ फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकती है।

 

Share