व्यापम घोटाला कहीं उत्तराखंड में भी न निकल जाए, 6000 टीचरों के प्रमाणपत्रों की CBI जाँच

उत्तराखंड शिक्षा विभाग राज्य के सभी सरकारी स्कूलों के सभी शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच सीबीआई से करवाएगी। उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री अरविन्द पांडे ने अपर मुख्य सचिव-शिक्षा डॉ. रणवीर सिंह के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी।

पिछले दो साल से फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी कर रहे 78 शिक्षकों के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 34 को पिछले साल ही बर्खास्त कर दिया गया था। बाकी की जांच चल रही है। सात अप्रैल को अपर मुख्य सचिव ने समीक्षा करते हुए सभी शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की सीबीआई जांच कराने का निर्णय किया था।

सीबीआई की इस जाँच के दायरे में 60 हजार से ज्यादा शिक्षक आएंगे। शिक्षा मंत्री ने बताया कि सीबीआई जांच की कार्रवाई शुरू कराने के लिए इस फाइल को मुख्यमंत्री को भेजा जा रहा है। इस जांच के दायरे में शिक्षकों के साथ-साथ संबंधित जिलों के अफसरों को भी लिया जाएगा।

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हरिद्वार और यूएसनगर में सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा: फर्जी प्रमाणपत्र वाले शिक्षकों की संख्या सबसे ज्यादा हरिद्वार और यूएसनगर में ही है। फर्जी प्रमाणपत्र वाले 78 शिक्षकों में बर्खास्त हुए 34 शिक्षकों में हरिद्वार के 13 और यूएसनगर के 16 शिक्षक शामिल थे। जबकि चंपावत, पौड़ी और टिहरी में एक-एक, देहरादून में दो शिक्षकों की सेवा समाप्त की गई।

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