उत्तर प्रदेश सहित देश के समस्त भागो में 30जून व 1जुलाई की मध्य रात्रि से लागू होंगे नए कर

उत्तर प्रदेश सहित देश में 30 जून की आधी रात के बाद माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। प्रथम दो महीने तक कर रिटर्न को दाखिल करने के नियमों में  ढील देने का फैसला भी किया गया है। इसका कारण  व्यापारियों को नयी कर प्रणाली को अपनाने में आने वाली दिक्कतों से निबटने में सहूलियत हो सके।

उत्तर प्रदेश के वाणिज्य कर के ज्वाइंट कमिश्नर (एसआइबी)  के अनुसार सभी शासकीय कार्यालय जो किसी को भी भुगतान करते समय टीडीएस काटते हैं, उन सभी को जीएसटी के तहत अपना पंजीयन कराना ही होगा। नई कर प्रणाली में नगर निगम, नगर पालिका, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य और कृषि विभाग सहित अन्य सरकारी विभागों को जीएसटी प्रावधानों का पालन करना होगा।

जीएसटी  में व्यापारिक व औद्योगिक फर्मो के अलावा अब सरकारी विभागों को भी इसके कानून का पालन करना होगा। सभी सरकारी विभागों को अनिवार्य रूप से एकल कर प्रणाली में अपना पंजीयन कराना पड़ेगा। इस व्यवस्था ने सरकारी विभागों के अफसरों की परेशानी बढ़ा दी है।

जीएसटी के तहत यदि विभाग किसी व्यक्ति से 2.50 लाख रुपये से अधिक राशि का माल खरीदेगा या वर्क कांट्रेक्ट देगा तो उस पूरी राशि पर एक प्रतिशत सीजीएसटी व एक फीसद एसजीएटी लगेगा।

वाणिज्य कर विभाग की असिस्टेंट कमिश्नर ने बताया कि सभी सरकारी विभागों को हर महीने 10 तारीख तक जीएसटी आर-7 रिटर्न ऑनलाइन दाखिल करना होगा। देरी से रिटर्न दाखिल करने पर 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पेनाल्टी देनी होगी। ठेकेदारों को पाच दिन के अंदर टीडीएस सर्टिफिकेट प्रारूप जीएसटी आर-7 ए में देने होंगे। इसमें ठेकेदार का नाम, जीएसटी नंबर, तारीख, टैक्स की राशि, बैंक चालान और बिल नंबर की जानकारी का उल्लेख होगा।

अभी शासकीय विभागों में इनकम टैक्स काटा जाता है, इसकी जानकारी ऑनलाइन टिन फेसिलिटेशन सेंटर पर भेजी जाती है। टीडीएस रिटर्न देरी से दाखिल करने पर दो सौ रुपये प्रतिदिन पेनाल्टी का भी प्रावधान किया गया है। यही नियम सरकारी विभागों के लिए लागू कर दिए गए हैं। विभागों का जीएसटी रजिस्ट्रेशन नंबर आयकर विभाग के टिन के आधार पर होगा। इसका पालन अनिवार्य किया गया है।

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उधर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी को लागू करने के कार्यक्रम को कुछ और समय टालने की उद्योग एवं व्यापार जगत की मांग को नामंजूर कर दिया। उन्होंने कहा कि अब इसके लिए सरकार के पास समय की गुजाइंश नहीं है।

जीएसटी परिषद की बैठक के बाद वित्त मंत्री ने कहा, कई कंपनियों तथा व्यापारियों ने तैयारी की कमी के मुद्दे को उठाया है,पर हमारे पास जीएसटी का क्रियान्यवन टालने की गुंजाइश नहीं है।’ उन्होंने कहा कि जीएसटी को तीस जून और 1 जुलाई की मध्य रात्रि से लागू कर दिया जाएगा।

उन्होंने देश को भरोसा दिलाया कि जीएसटी के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का बुनियादी ढांचा पूरी तरह जांचा-परखा जा चुका है और जीएसटी के लिए सारी प्रणालियां तैयार कर ली गई हैं।

जीएसटी परिषद की  17 वीं बैठक वातानुकूलित होटल परिचालकों को राहत देते हुए 7,500 रुपये तक के किराये वाले कमरों के बिल पर 18 प्रतिशत की दर से और उससे अधिक के कक्ष के किरायों पर 28 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाने का फैसला किया गया है। पहले 5000 रुपये से अधिक के एसी कमरों के बिल पर 28 फीसद की दर से कर लगाने का प्रावधान किया गया था। वित्त मंत्री ने बैठक के बाद ब्योरा देते हुए कहा कि 2,500-7,500 रुपये तक के एसी कमरों के बिल पर 18 फीसद की दर से ही जीएसटी लागू होगा।

परिषद ने लॉटरी पर कर की दो श्रेणी रखने का निर्णय किया है। सरकारी लॉटरी पर 12 प्रतिशत तथा सरकारों से अधिकृत लॉटरी पर 28 प्रतिशत कर लगेगा। संशाधित नियमों के अनुसार जुलाई के लिये संशोधित रिटर्न फाइलिंग के तहत बिक्री का ब्योरा 10 अगस्त के बजाए अब पांच सितंबर तक दाखिल कराया जा सकता है। कंपनियों को अगस्त के अपने बिक्री इनवायस जीएसटी नेटवर्क पर 10 सितंबर के बजाए 20 सितंबर तक जमा करना होगा।

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