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हाथरस कांड: योगी सरकार ने SC को बताया, इसलिए रात में जलाया पीड़िता का शव

नई दिल्ली। हाथरस में दलित युवती से कथित गैंगरेप और मौत मामले में प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए हलफनामा दाखिल किया है। योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को उन परिस्थितियों के बारे में बताया है जिनके कारण रात में पीड़िता के शव का अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया गया। योगी सरकार ने कहा है हिंसा से बचने के लिए परिवार की मर्जी के साथ आधी रात करीब 2.30 बजे पीड़िता का अंतिम संस्कार किया गया था।

योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करके बताया कि कानून-व्यवस्था कायम रखने और हिंसा से बचने के लिए रात में पीड़िता के शव का अंतिम संस्कार किया गया। सरकार ने हलफनामे में राजनीतिक दलों और नागरिक समाज संगठनों को जाति विभाजन के प्रयास के लिए दोषी ठहराया गया है।

हलफनामे के मुताबिक, रात के ढाई बजे पीड़िता के शव को जलाने के संदर्भ में उत्तर प्रदेश सरकार ने बाबरी मस्जिद केस की वजह से जिलों को हाई अलर्ट पर रखने और कोरोना की वजह से भीड़ न इकट्ठा होने देने का भी जिक्र किया है। इसमें कहा गया है कि अयोध्या-बाबरी केस में फैसले की संवेदनशीलता और कोरोना प्रोटोकॉल के मद्देनजर परिवार की मर्जी से पीड़िता का रात 2.30 बजे अंतिम संस्कार किया गया।

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बता दें कि हाथरस जिले के एक गांव में 14 सितंबर को 19 वर्षीय दलित लड़की से चार लड़कों ने कथित रूप से सामूहिक बलात्कार किया था। इस लड़की की बाद में 29 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। मौत के बाद आनन-फानन में पुलिस ने रात में अंतिम संस्कार कर दिया था, जिसके बाद काफी बवाल हुआ।

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