UK में फैले नए कोरोना स्ट्रेन को लेकर स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने जारी नई गाइडलाइंस

नई दिल्ली: अभी दुनिया भर में कोरोना वायरस का प्रकोप समाप्त भी नही हुआ कि यूनाइटेड किंगडम में कोरोना वायरस का नया रूप आ गया है, इस वायरस के पाए जाने के बाद दुनिया को एक बार फिर से इस महामारी के बढ़ने का खतरा सता रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि नया कोरोना 70 प्रतिशत अधिक तेजी से फैलता है। ऐसे में भारत ने कोरोना के इस नए रूप से निपटने के लिए नए दिशानिर्देशों का एक सेट जारी किया।

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने SARS-CoV-2 या COVID-19 वायरस के नए संस्करण को देखते हुए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है। यूरोपीय सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने अनुमान जताया है कि कोरोना का नया रूप (ECDC) युवा आबादी को अधिक प्रभावित करेगा।

मंत्रालय ने कहा कि 25 नवंबर से 23 दिसंबर तक हवाई यात्रियों के लिए देश में प्रवेश करने के लिए अब एसओपी का पालन किया जाना आवश्यक है।

एसओपी के कुछ प्रमुख बिंदु:

सभी अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों को पिछले 14 दिनों के यात्रा की जानकारी देनी होगी। इसके साथ ही कोविड-19 के लिए आरटी-पीसीआर करना और हवाई अड्डों पर स्व-घोषणा पत्र भरने की आवश्यकता है।

21 से 23 दिसंबर के बीच यूके से आने वाले सभी यात्रियों को आरटी-पीसीआर टेस्ट से गुजरना होगा।

यदि परीक्षण का परिणाम सकारात्मक है, तो यह सिफारिश की गई है कि व्यक्ति का स्पाइक जीन आधारित आरटी-पीसीआर टेस्‍ट कराया जाए।

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इसके अलावा, सकारात्मक परीक्षण करने वाले यात्रियों को संबंधित राज्य प्राधिकरणों द्वारा क्‍वारंटीन केंद्रों में भेजा जाएगा।

यदि मरीज में वर्तमान COVID-19 वायरस पाया जाता है तो बीमारी की गंभीरता के आधार पर सुविधा स्तर पर घर में क्‍वारंटीन या उपचार सहित चल रहे प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।

यदि व्यक्ति में SARS-CoV-2 के नए संस्करण का पता चल जाता है, तो उसे अलग से क्‍वारंटीन इकाई में रहना होगा।

हवाई अड्डों पर आयोजित आरटी-पीसीआर परीक्षणों में नकारात्मक परीक्षण करने वालों को घर पर क्‍वारंटीन रहने की सलाह दी जाएगी।

मंत्रालय ने राज्य सरकारों द्वारा SOPs के संबंध में कहा, “जो लोग 21 से 23 दिसंबर 2020 के बीच देश के किसी भी हवाई अड्डे पर आए हैं और अगर वह कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं तो ऐसे में उनके संपर्क में आने वाले सभी लोगों को अलग-अलग क्‍वारंटीन केंद्रों में ले जाना चाहिए और ICMR दिशानिर्देशों के अनुसार उनका टेस्‍ट किया जाएगा।”

इसके अलावा यूके के अंतरराष्ट्रीय यात्री जो 25 नवंबर से 8 दिसंबर के बीच भारत आए हैं, उनसे जिला निगरानी अधिकारियों द्वारा संपर्क किया जाएगा और उनके स्वास्थ्य की निगरानी करने की सलाह दी जाएगी।

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