हिंदी पत्रकारिता दिवस: आज ही के दिन शुरू हुआ था ‘उदन्त मार्तण्ड’ का प्रकाशन

नई दिल्ली। हिंदी पत्रकारिता के इतिहास में 30 मई का दिन सुनहरे शब्दों में लिखा गया है। इसी दिन पंडित जुगलकिशोर शुक्ल ने दुनिया के पहले हिन्दी साप्ताहिक समाचार पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ का प्रकाशन कलकत्ता (अब कोलकाता) से शुरू किया था। इस कारण 30 मई को हिंदी पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाया जाता है।
पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने इसे कलकत्ता से एक साप्ताहिक समाचार पत्र के तौर पर शुरू किया था। इसके प्रकाशक और संपादक भी वे खुद थे। इस तरह हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले पंडित जुगल किशोर शुक्ल का हिंदी पत्रकारिता की जगत में विशेष सम्मान है। कानपुर के रहने वाले जुगल किशोर शुक्ल वकील भी थे, लेकिन उस समय औपनिवेशिक अंग्रेजी हुकूमत में उन्होंने कलकत्ता को अपनी कर्मस्थली बनाया।

गुलाम भारत में हिंदुस्तानियों के हक की आवाज को उठाना चुनौती बन गई थी। हिंदुस्तानियों के हक की आवाज को बुलंद करने के लिए उन्होंने कलकत्ता के बड़ा बाजार इलाके में अमर तल्ला लेन, कोलूटोला से साप्ताहिक ‘उदन्त मार्तण्ड’ का प्रकाशन शुरू किया। यह साप्ताहिक अखबार हर हफ्ते मंगलवार को पाठकों तक पहुंचता था।
परतंत्र भारत की राजधानी कलकत्ता में अंग्रेजी शासकों की भाषा अंग्रेजी के बाद बांग्ला और उर्दू का प्रभाव था। इसलिए उस समय अंग्रेजी, बांग्ला और फारसी में कई समाचार पत्र निकलते थे। हिंदी भाषा का एक भी समाचार पत्र मौजूद नहीं था।

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‘उदन्त मार्तण्ड’ के पहले अंक की 500 प्रतियां छपी। हिंदी भाषी पाठकों की कमी की वजह से उसे ज्यादा पाठक नहीं मिल सके। दूसरी बात की हिंदी भाषी राज्यों से दूर होने के कारण उन्हें समाचार पत्र डाक द्वारा भेजना पड़ता था। डाक दरें महंगी थी, जिसकी वजह से इसे हिंदी भाषी राज्यों में भेजना भी आर्थिक रूप से महंगा सौदा हो गया था। पैसों के अभाव में यह एक साल भी नहीं प्रकाशित हो पाया। आखिरकार चार दिसम्बर 1826 को इसका प्रकाशन बंद कर दिया गया।

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