मुंबई-भोपाल सहित कई शहरों में राष्ट्रपति मैक्रों का विरोध, PM मोदी बोले हम फ्रांस के साथ

नई दिल्ली। फ्रांस में इमैनुएल मैक्रों के नेतृत्व वाली सरकार और इस्लामिक कट्टरपंथी संगठनों के बीच छिड़ी जंग का दायरा बढ़ता जा रहा है। इस्लामिक देशों में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन हो रहे हैं। अब भारत में भी कई इलाकों में इस्लामिक संगठन फ्रांस के राष्ट्रपति का विरोध कर रहे हैं। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को स्पष्ट कहा कि आतंकवाद के खिलाफ जंग में भारत फ्रांस के साथ है।

उधर देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति का विरोध करते हुए इस्लामिक संगठनों ने सड़कों पर मैक्रों की तस्वीरें चिपका दी गई हैं। वाहन इनके ऊपर से गुजर रहे हैं। दूसरी तरफ भोपाल में भी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। बीजेपी ने इन प्रदर्शनों पर आपत्ति जाहिर की है और कहा है कि पीएम पहले ही साफ कर चुके हैं कि देश आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में फ्रांस के साथ है।

बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने मुंबई में सड़कों पर मैक्रों की तस्वीरों को चिपकाए जाने का विरोध करते हुए महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, ”महाराष्ट्र सरकार, ये आपके सरकार के राज में क्या हो रहा है? भारत आज फ्रांस के साथ खड़ा है। जो जिहाद फ्रांस में हो रहा है, उस आतंकवाद के खिलाफ हिंदुस्तान के PM ने फ्रांस के साथ मिल कर लड़ने की प्रतिज्ञा की है। फिर मुंबई की सड़कों पर फ्रांस के राष्ट्राध्यक्ष का अपमान क्यों?”

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दूसरी तरफ भोपाल में हुए विरोध प्रदर्शन पर कड़ा रुख अपनाते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ट्वीट किया, ”मध्य प्रदेश शांति का टापू है। इसकी शांति को भंग करने वालों से हम पूरी सख्ती से निपटेंगे। इस मामले में 188 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वो चाहे कोई भी हो।”

ये है पूरा विवाद
फ्रांस में शार्ली हेब्दो पत्रिका में एक बार फिर पैगंबर मोहम्मद का कार्टून छापे जाने के बाद फ्रांस में फिर आतंकी हमला हुआ। इसके बाद सरकार ने कट्टरपंथी संगठनों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी। इस बीच अक्टूबर में ही पेरिस के एक स्कूल में पैगंबर का कार्टून दिखाए जाने के बाद शिक्षक सैमुअल पैटी की गला रेतकर हत्या कर दी गई। फ्रांस के राष्ट्रपति ने इसे इस्लामिक आतंकवाद करार देते हुए शिक्षक को मरणोपरांत सम्मानित किया। इससे पहले उन्होंने यह भी कहा था कि केवल फ्रांस में नहीं बल्कि पूरी दुनिया में इस्लाम खतरे में है। कार्टून दिखाने वाले शिक्षक के प्रति स्मान जाहिर करने और मैक्रों के बयान से मुसलमान नाराज हैं। पाकिस्तान, तुर्की, सऊदी अरब, ईरान सहित कई देशों ने फ्रांस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

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