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इस बच्चे के लिए कुछ समय के लिए ही सही पर ए​क हुए भारत-पाकिस्तान, जानें पूरा मामला

इस बच्चे के लिए कुछ समय के लिए ही सही पर ए​क हुए भारत-पाकिस्तान, जानें पूरा मामला
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नई दिल्ली। आजादी के बाद देश दो हिस्सों में बंट गया। एक भारत तो दूसरा पाकिस्तान बन गया। तब से लेकर आज तक दोनों देशों के बीच तनाव लगातार जारी है। हालांकि, इस तनातनी के बीच बीते सप्ताह अटारी बॉर्डर पर भारत-पाकिस्तान की सरकारों ने दिल के मरीज एक 12 साल के बच्चे के लिए सारी दुश्मनी और कानून की पेचीदगी को दरकिनार करके इंसानियत को जीवंत कर दिया।

बताया जा रहा है कि पाकिस्तान का 12 साल का बच्चा साबीह सिराज दिल की सर्जरी के लिए पिछले महीने नोएडा के जेपी अस्पताल आया था। साबीह का ​परिवार कराची में रहता है। साबीह 18 फरवरी को वह अपने माता-पिता के साथ नोएडा पहुंचा। 25 फरवरी को उसी सफल सर्जरी हुई। 16 मार्च तक ऑब्जर्वेशन के लिए साबीह को अस्पताल में ही रखा गया। 18 मार्च को जेपी अस्पताल से साबीह को छुट्टी दे दी गई। तीनों अस्पताल से अटारी बॉर्डर पहुंचे। लेकिन अटारी से पाकिस्तान पहुंचने में साबीह और उनके परिवार को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

साबीह के पिता सिराज अरशद ने सीमा पार जाने के लिए भारतीय इमिग्रेशन अधिकारियों से काफी गुजारिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो सके। सिराज ने बताया कि बॉर्डर पार करने के लिए मैंने अधिकारियों से काफी मदद मांगी। मैंने उन्हें अपने बेटे की हार्ट सर्जरी के बारे में भी बताया, लेकिन उन्होंने मेरी एक बात भी नहीं मानी। क्योंकि, पाकिस्तानी अधिकारियों ने 40 कश्मीरी लड़कियों को भारत भेजने से मना कर दिया था।

भारत और पाकिस्तान के पत्रकारों ने की मदद
अटारी बॉर्डर पर मौजूद भारतीय सुरक्षा अधिकारी ने सिराज को पाकिस्तान के इमिग्रेशन अधिकारियों से बात करने का सुझाव दिया, लेकिन वहां भी बात नहीं बन सकी। इसी बीच सिराज ने पाकिस्तान के एक मीडियाकर्मी से बात करके अपनी समस्या बताई। पाकिस्तानी पत्रकार ने अमृतसर मे रहने वाले अपने एक पत्रकार मित्र से बात कर साबीह और उसके परिवार के मदद करने का अनुरोध किया।

भारतीय अधिकारियों ने बढ़ाए हाथ
इसके बाद भारतीय पत्रकार ने अटारी बॉर्डर पर फंसे साबीह के परिवार की मदद के लिए भारतीय अधिकारियों से बात की। दूसरी ओर पाकिस्तानी पत्रकार ने भी पाकिस्तान के विदेश सचिव सोहैल महमूद से बात कर साबीह के बारे में बताया। उसके बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग को निर्देश दिया कि वे पाकिस्तानी परिवार की वापसी के लिए तुरंत भारतीय अधिकारियों से संपर्क करें। पाकिस्तानी उच्चायोग के अनुरोध पर भारतीय अधिकारियों ने सीमा पार करने के लिए साबीह और उसके परिवार के लिए स्पेशल पास जारी किया।

पिता बोले भारत में मिले प्यार से अभिभूत हूं
साबीह के पिता सिराज अरशद ने गुरुवार की रात बताया कि भारतीय अधिकारियों ने हमें प्रोटोकॉल के साथ सीमा पार भेजा। सिराज ने मुश्किल वक्त में मदद करने के लिए भारतीय पत्रकार और अधिकारियों का शुक्रिया अदा भी किया। उन्होंने कहा, ‘हम बहुत चिंतित थे। लेकिन भारतीय और पाकिस्तानी अधिकारियों के बीच आपसी सहयोग की वजह से हम अपने घर जा सके। मैं सभी का आभारी हूं। डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और अस्पताल प्रबंधन ने हमारे साथ बहुत अच्छा व्यवहार किया। हम 20 दिनों तक भारत में रहे और यहां सभी से हमें प्यार और सहयोग मिला।

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